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Sonebhadra News: रिहंद के 3, ओबरा के 4, कनहर के 12 और नगवां के 8 फाटक खुले

Tue, 01 Sep 2026 11:13 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:13 PM IST
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3 gates of Rihand, 4 of Obra, 12 of Kanhar, and 8 of Nagwa have been opened.
ओबरा डेम का खोला गया फाटक। संवाद
पिछले 30 घंटे से हो रही तेज बारिश से जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। सोन, बेलन, बिजुल और रेणु नदी के उफनाने से सड़कों, रहवासी क्षेत्रों में पानी आ गया है। मंगलवार को दोपहर में रिहंद बांध का जलस्तर 872 फीट पहुंचने के बाद बांध के तीन फाटक खोल दिए गए। सभी छह टरबाइन को भी लगातार चलाया जा रहा है। सीजन में यह पहली बार है, जब रिहंद के फाटक खोलने पड़े हैं। रिहंद के साथ ही ओबरा के चार, नगवां के आठ और कनहर बांध के 12 फाटक खोलकर पानी निकाला जा रहा है। यह पानी आसपास के तटवर्ती इलाकाें में तेजी से बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को नदी-नालों के आसपास न जाने की हिदायत के साथ ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
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सोमवार की रात रिहंद बांध का जलस्तर 870.9 फीट था। मंगलवार की सुबह बढ़कर 871.5 फीट तक पहुंच गया। दोपहर में जलस्तर 872 फीट से पार होने के बाद एक-एक कर बांध के तीन फाटक खोल दिए गए। तीनों फाटकों को 16-16 फीट खोलकर करीब 31200 क्यूसेक और बांध की सभी छह टरबाइन चलाकर करीब 17900 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
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जल विद्युत निगम के एक्सईएन शशिकांत राय ने बताया कि बांध के जलस्तर, पानी की आवक और निकासी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उधर, रिहंद बांध से निकाला जा रहा पानी पहुंचने से ओबरा बांध के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई। रिहंद के डाउनस्ट्रीम में स्थित ओबरा बांध के तीन और फाटक खोल दिए। एक फाटक पिछले छह दिनों से खुला हुआ है। दोपहर बाद 3:40 बजे गेट नंबर आठ की ऊंचाई तीन फीट से बढ़ाकर 12 फीट कर दी गई। सात, नौ और दस नंबर गेट को भी बारी-बारी से 12 फीट तक खोलकर जल स्तर नियंत्रित किया जा रहा है। ओबरा बांध के एक्सईएन रूपेश कुमार खरे ने बताया कि चारों गेट से लगभग 51800 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। वहीं ओबरा जल विद्युत की इकाइयों से हो रहे बिजली उत्पादन से 10800 क्यूसेक पानी रेणुका नदी में प्रवाहित हो रहा है। बांध की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग की पूरी टीम पल पल की निगरानी में जुटी हुई है। पानी की आवक बढ़ने पर और भी फाटक खोले जा सकते हैं। वहीं, भारी बारिश से जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार को दोपहर में नगवां बांध के 11 में से 8 फाटक खोले जाने से लगभग 30 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे चंदौली जिले में नदी के किनारे के गांवों को सतर्कता बरतने की चेतावनी दी गई है। वही सिलहट बांध की तरफ से भैसहिया और पुराने पानी छलके पर पानी भर जाने से नगवां बांध और मांची जाने का रास्ता बंद हो गया है। अब सूअरसोत से मांची और नगवां के लोगों का आवागमन हो रहा है।
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कनहर बांध का जलस्तर 262.500 मीटर, 12 फाटक से निकल रहा पानी
कनहर बांध में पानी की तेज़ आवक बढ़ने पर बांध का जलस्तर बढ़कर 262.500 मीटर तक पहुंच गया। बांध के कुल 12 फाटक को दो मीटर खोलकर पानी निकाला जा रहा है। परियोजना के अवर अभियंता नंदलाल यादव ने बताया कि मंगलवार की सुबह 6 बजे से 12 गेट खोले गए है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम 24 घंटे बांध की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। 12 फाटक से 4546 क्यूमेक्स की रफ्तार से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
चोपन में छठ घाट पर लगाया चेतावनी बोर्ड, पटवध-बसुहारी मार्ग पर आवागमन रुका
मप्र के बाणसागर और ओबरा बांध से पानी छोड़े जाने से सोन नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। नदी खतरे के निशान पार करने को बेताब है। मंगलवार को एसडीएम ओबरा रवि कुमार ने सोन नदी के तटवर्ती इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। छठ घाट एवं नदी के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से चेतावनी बोर्ड लगवाए गए हैं। उस ओर किसी को भी न जाने की हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी का बहाव भी तेज हो सकता है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। निरीक्षण के दौरान ईओ अखिलेश सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक गोपालजी गुप्ता भी मौजूद रहे। उधर, पटवध से बसुहारी होते हुए बिहार जाने वाले मार्ग पर दो स्थानों पर सोन नदी का पानी आने से आवागमन ठप हो गया। अमिला की तरफ गुप्ता धाम के पास करीब 300 मीटर तक नदी का पानी दो फीट सड़क पर आ गया है। यही स्थिति अड़गुड़ के पास है। कोन पुलिस ने बैरियर लगाकर रास्ते पर आवागमन बंद कर दिया गया है।
यहां भी बढ़ीं मुश्किलें...
बकहर नदी के उफान पर आने से घोरावल-मिर्जापुर संपर्क मार्ग पर मंगलवार की सुबह से ही आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। मार्ग बंद होने से राहगीरों और क्षेत्र के नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बहने के कारण पुलिस बल लगाकर लोगों को नदी और पुल की ओर जाने से रोका जा रहा है। इसी तरह बकहर नदी में उफान के कारण भैंसवार-धौरहा मार्ग पर भी आवागमन बंद कर दिया गया है। एसडीएम विशाल कुमार ने घोरावल-मड़िहान मार्ग और बकहर नदी के बढ़े जलस्तर का निरीक्षण किया। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। नदी का जलस्तर कम होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही आवागमन शुरू कराया जाएगा।

बेलन-बकहर परियोजना के चार फाटक खोले गए
घोरावल तहसील क्षेत्र के मुक्खा ग्राम स्थित बेलन-बकहर परियोजना के बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए मंगलवार की शाम चार फाटक खोल दिए गए। बांध से करीब 8000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मिर्जापुर नहर प्रखंड के सहायक अभियंता धर्मराज सिंह ने बताया कि पिछले करीब 20 घंटे से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के कैचमेंट एरिया से पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते बांध के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी। बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार फाटक खोले गए हैं। कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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