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राशन लेने 60 किमी दूर जा रहे 250 कार्डधारक
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बीजपुर। व्यवस्था बदले जाने से क्षेत्र के खम्हरिया गांव के रहवासी सस्ते राशन से महरूम हो गए हैं। खाद्यान्न तक ग्रामीणों की पहुंच रास्ते में भरे पानी के चलते बहुत दूर हो गई है। इसके चलते करीब 250 परिवारों के सैकड़ों लोगों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।
म्योरपुर ब्लाक के जरहा न्याय पंचायत के तहत आने वाला खम्हरिया ऐसा गांव बन गया है जहां के निवासियों को राशन दुकान तक पहुंचने के लिए 60 किलो मीटर चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस गांव में करीब 250 राशन कार्ड धारक है, जबकि गांव के ही डूमरचुआ टोले में लगभग 50 राशन कार्ड धारक हैं। पहले कोटे की दुकान खम्हरिया गांव में स्थित थी। दुकान रिक्त होने के बाद इसे चलाने के लिए महिला समूह का गठन किया गया था। इसके जरिए वितरण की व्यवस्था शुरू होती तब तक पंचायत चुनाव शुरू हो गए।
अस्थाई तौर पर आपूर्ति विभाग ने डूमरचुआ टोले में राशन वितरण की व्यवस्था की। इसी व्यवस्था को स्थाई किए जाने से मुश्किलें पैदा हो गई हैं। खम्हरिया और डूमरचुआ के बीच रिहंद डैम के कुछ हिस्से में पानी भरने से आम लोगों का आवागमन इस पार से उस पार बंद हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि खम्हरिया से सेवका मोड़ उसके बाद बीजपुर होते हुए डूमरचुआ आने जाने में कुल 60 किलो मीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। यह दूरी तय कर वह पहुंच भी गए तो कई बार कोटे की दुकान बंद मिलती है। इससे गांव के लोग परेशान हो गए हैं।
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इस बाबत शिव आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाओं समेत ग्राम प्रधान इजाजत शेख व अन्य ग्रामीणों ने कार्ड धारकों ने हस्ताक्षरित पत्र एसडीएम दुद्धी, बीडीओ म्योरपुर को भेज कर तत्काल खम्हरिया गांव में खाद्यान वितरण कराने की मांग की है। इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक रामलाल का कहना है कि जब तक खम्हरिया प्रधान खुली बैठक कर दुकान के लिए नया प्रस्ताव नहीं लाते, तब तक इसी तरह वितरण कराना बाध्यता है।
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म्योरपुर ब्लाक के जरहा न्याय पंचायत के तहत आने वाला खम्हरिया ऐसा गांव बन गया है जहां के निवासियों को राशन दुकान तक पहुंचने के लिए 60 किलो मीटर चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस गांव में करीब 250 राशन कार्ड धारक है, जबकि गांव के ही डूमरचुआ टोले में लगभग 50 राशन कार्ड धारक हैं। पहले कोटे की दुकान खम्हरिया गांव में स्थित थी। दुकान रिक्त होने के बाद इसे चलाने के लिए महिला समूह का गठन किया गया था। इसके जरिए वितरण की व्यवस्था शुरू होती तब तक पंचायत चुनाव शुरू हो गए।
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अस्थाई तौर पर आपूर्ति विभाग ने डूमरचुआ टोले में राशन वितरण की व्यवस्था की। इसी व्यवस्था को स्थाई किए जाने से मुश्किलें पैदा हो गई हैं। खम्हरिया और डूमरचुआ के बीच रिहंद डैम के कुछ हिस्से में पानी भरने से आम लोगों का आवागमन इस पार से उस पार बंद हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि खम्हरिया से सेवका मोड़ उसके बाद बीजपुर होते हुए डूमरचुआ आने जाने में कुल 60 किलो मीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। यह दूरी तय कर वह पहुंच भी गए तो कई बार कोटे की दुकान बंद मिलती है। इससे गांव के लोग परेशान हो गए हैं।
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इस बाबत शिव आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाओं समेत ग्राम प्रधान इजाजत शेख व अन्य ग्रामीणों ने कार्ड धारकों ने हस्ताक्षरित पत्र एसडीएम दुद्धी, बीडीओ म्योरपुर को भेज कर तत्काल खम्हरिया गांव में खाद्यान वितरण कराने की मांग की है। इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक रामलाल का कहना है कि जब तक खम्हरिया प्रधान खुली बैठक कर दुकान के लिए नया प्रस्ताव नहीं लाते, तब तक इसी तरह वितरण कराना बाध्यता है।