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पोषण पुनर्वास केंद्र: डेढ़ माह में भर्ती हुआ सिर्फ एक कुपोषित

Thu, 29 Nov 2018 10:55 PM IST
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:55 PM IST
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पोषण पुनर्वास केंद्र: डेढ़ माह में भर्ती हुआ सिर्फ एक कुपोषित
सोनभद्र। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के प्रत्येक ब्लॉक में मुख्यमंत्री सुपोषण घर खोलने की घोषणा की है। लेकिन जिले में बच्चों को कुपोषण से मुक्ति का अभियान विभागीय उदासीनता लक्ष्य की प्राप्ति में विफल साबित हो रहा है। जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में पिछले एक माह में महज एक अति कुपोषित बच्चा भर्ती हुआ। दिसंबर 2012 से संचालित इस केंद्र में अब तक महज 1159 अति कुपोषित बच्चों का ही उपचार हो सका है। जबकि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं जिले में 12156 अति कुपोषित और 51317 कुपोषित बच्चे हैं। स्वास्थ्य विभाग से लेकर पुष्टाहार विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तक बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के अभियान से जुड़े हैं लेकिन सारी कवायदें धरी की धरी रह जा रही है।
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सरकार ने जहां कुपोषण मुक्त राज्य बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को चला रखी हैं, वहीं दूसरी ओर जिले में कुपोषण दूर करने की योजना खटाई में चल रही है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 12156 बच्चे अति कुपोषित हैं। कुपोषण को समाप्त करने के लिए सरकार ने जिले भर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अति कुपोषित बच्चे की पहचान कर उन्हें विशेष आहार देकर उनका कुपोषण दूर करने की एक योजना चला रखी है।
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योजना से भी यदि बच्चों का कुपोषण दूर नही होता है तो उन बच्चों के लिए सरकार ने जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र खोल रखा है। लेकिन इस पुनर्वास केंद्र में बच्चों के भर्ती आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि किस हद तक विभागों के लोग बच्चों के कुपोषण को लेकर गंभीर हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र की प्रभारी डॉ. रंजिता चौधरी के अनुसार अक्टूूबर माह में केंद्र में कुल 26 बच्चे भर्ती हुए थे। नवंबर माह मेें सिर्फ एक बच्चा भर्ती हुआ। जबकि जब से केंद्र खुला है तब से अब तक महज 1159 अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर ही उनका उपचार किया गया है। यह केंद्र दस बेड का है और यहां वर्तमान में एक डॉक्टर, तीन स्टाफ नर्स, एक डाइटीशियन, एक कुक और एक सफाई कर्मी तैनात है। अस्पताल के बेड पूरी तरह से खाली हैं।
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अधिकारियों को दी गई है बेड खाली होने की सूचना
सोनभद्र। पोषण पुनर्वास केंद्र की प्रभारी डॉ. रंजिता चौधरी का कहना है कि डेढ़ माह से केंद्र में बच्चे कम ही भर्ती हो रहे हैं। नवंबर माह में तो सिर्फ एक ही अति कुपोषित बच्चा भर्ती हुआ है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ ही बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के भी अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से दी जा चुकी है।



सोनभद्र। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह का कहना है कि विभाग का कार्य अति कुपोषित बच्चों की सूची ग्रामीण अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को देना है। डॉक्टर से उसकी स्क्रीनिंग कराना है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर उसे रिफर करते हैं। इधर त्योहारों की वजह से भी बच्चों को भर्ती करने के लिए परिवार वाले तैयार नहीं हुए। सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिये गए हैं कि वे बच्चों की भर्ती कराएं।
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