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धीमी गति से चला रहा मरम्मत कार्य
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:36 PM IST
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सलखन । सदर ब्लाक के ग्राम परंचायत मारकुंडी स्थित बलुई बंधी के टूटने के तीसरे दिन रविवार को पानी का बहाव कम हुआ, बावजूद मरम्मत कार्य में तेजी नहीं आई। इससे किसान मायूस है। उनका कहना है कि यदि दो सप्ताह में बंधी की मरम्मत नहीं हुई तो फसल बर्बाद हो जाएगी।
बरसात के कारण पानी का दबाव बढ़ने से बलुई बंधी तीन दिन पहले टूट गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि पानी का बहाव कम होने पर कार्य में तेजी आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविवार को 20 से अधिक मजदूरों को दो पाली में लगाया गया। बंधी प्रखंड व जिला स्तरीय अधिकारी भी समय-समय पर कार्य प्रगति की खबर लेते रहे। बंधी निर्माण कार्य धीमी गति से चलते देख अफसरों ने संबंधितों को इसमें तेजी लाने की हिदायत भी दी लेकिन कार्य कछुआ चाल से ही होता रहा। किसानों का कहना है कि जिस धीमी गति से बंधी के मरम्मत का कार्य चल रहा है इससे तो एक माह से ऊपर समय लग जाएगा। तब तक किसानों की धान की फसल बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने दो सप्ताह में बंधी के मरम्मत की मांग डीएम से की है, ताकि आगे होने वाली बरसात से बंधी में रुकने वाले पानी से उनके धान की फसल की सिंचाई हो सके।
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बरसात के कारण पानी का दबाव बढ़ने से बलुई बंधी तीन दिन पहले टूट गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि पानी का बहाव कम होने पर कार्य में तेजी आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविवार को 20 से अधिक मजदूरों को दो पाली में लगाया गया। बंधी प्रखंड व जिला स्तरीय अधिकारी भी समय-समय पर कार्य प्रगति की खबर लेते रहे। बंधी निर्माण कार्य धीमी गति से चलते देख अफसरों ने संबंधितों को इसमें तेजी लाने की हिदायत भी दी लेकिन कार्य कछुआ चाल से ही होता रहा। किसानों का कहना है कि जिस धीमी गति से बंधी के मरम्मत का कार्य चल रहा है इससे तो एक माह से ऊपर समय लग जाएगा। तब तक किसानों की धान की फसल बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने दो सप्ताह में बंधी के मरम्मत की मांग डीएम से की है, ताकि आगे होने वाली बरसात से बंधी में रुकने वाले पानी से उनके धान की फसल की सिंचाई हो सके।
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