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खरीदकर लाएं तभी लगेगा टीटी का इंजेक्शन
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:23 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग हर सीएचसी और पीएचसी में टीटी (टिटनस टाक्साइड) का इंजेक्शन होने का दावा कर रहा। जबकि अधिकांश अस्पतालो में मरीजों को इंजेक्शन लगवाने के लिए उसे बाहर से खरीद कर लाना पड़ रहा है। डॉक्टरों की मानें तो यह इंजेक्शन सिर्फ महिलाओं को लगाने के लिए ही मिल रहा है।
गर्भवती महिलाओं को टीटी (टिटनस टाक्साइड) की दो खुराक लगाई जाती है। इनके अलावा चोट लगने या टिटनेस नामक बीमारी से बचने के लिए भी इस इंजेक्शन को लगाया जाता है। जिले में आए दिन होने वाले सड़क हादसें में लोग चुटहिल हो रहे है। बावजूद इसके राजकीय अस्पतालों में जरूरत के अनुसार टीटी का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। उदाहरण के तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तियरा में सिर्फ गर्भवती महिलाओं को ही टीटी वैक्सिन लगाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वैनी में सिर्फ टीकाकरण के लिए टिटनस टाक्साइड का इंजेक्शन है। आम लोगों के लिए वैक्सिन नहीं है। डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि आम लोगों के लिए कभी-कभी इंजेक्शन आता है। करीब चार माह से यह स्थिति बनी है।
यहीं हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केकराही का है। लेकिन पीएचसी प्रभारी डॉ. एसके चतुर्वेदी का कहना है कि अस्पताल में टीटी वैक्सिन है। यही हाल अन्य सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का है। गंभीर घायलों तक को टीटी का इंजेक्शन लगवाने के लिए इसे बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है।
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कोट
समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं व आम लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में टीटी (टिटनस टाक्साइड) का इंजेक्शन उपलब्ध है। जो डॉक्टर मरीजों से मेडिकल स्टारों से इंजेक्शन मंगवा कर लगा रहे, उनको चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एसपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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गर्भवती महिलाओं को टीटी (टिटनस टाक्साइड) की दो खुराक लगाई जाती है। इनके अलावा चोट लगने या टिटनेस नामक बीमारी से बचने के लिए भी इस इंजेक्शन को लगाया जाता है। जिले में आए दिन होने वाले सड़क हादसें में लोग चुटहिल हो रहे है। बावजूद इसके राजकीय अस्पतालों में जरूरत के अनुसार टीटी का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। उदाहरण के तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तियरा में सिर्फ गर्भवती महिलाओं को ही टीटी वैक्सिन लगाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वैनी में सिर्फ टीकाकरण के लिए टिटनस टाक्साइड का इंजेक्शन है। आम लोगों के लिए वैक्सिन नहीं है। डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि आम लोगों के लिए कभी-कभी इंजेक्शन आता है। करीब चार माह से यह स्थिति बनी है।
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यहीं हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केकराही का है। लेकिन पीएचसी प्रभारी डॉ. एसके चतुर्वेदी का कहना है कि अस्पताल में टीटी वैक्सिन है। यही हाल अन्य सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का है। गंभीर घायलों तक को टीटी का इंजेक्शन लगवाने के लिए इसे बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है।
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समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं व आम लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में टीटी (टिटनस टाक्साइड) का इंजेक्शन उपलब्ध है। जो डॉक्टर मरीजों से मेडिकल स्टारों से इंजेक्शन मंगवा कर लगा रहे, उनको चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एसपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी