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2.64 करोड़ से होगा बेलन नदी का जीर्णोद्धार
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सोनभद्र/रामगढ़। जिले के तीन ब्लाकों चतरा, राबर्ट्सगंज व घोरावल ब्लाक से होकर गुजरने वाली बेलन नदी के जीर्णोद्धार की तैयारी है। इसके तहत 29 ग्राम पंचायतों में नदी की खोदाई कराने की कार्य योजना तैयार की गई है। यह कार्य मनरेगा के तहत 2.64 करोड़ से कराने की रूपरेखा तैयार की गई है। चतरा ब्लॉक के करद गांव में इस खोदाई के कार्य का शुभारंभ सोमवार को सांसद पकौड़ी लाल कोल, सदर विधायक भूपेश चौबे और सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी ने पूजन अर्चन कर किया।
बेलन नदी चतरा, राबर्ट्सगंज व घोरावल ब्लाक के लोगों के लिए कृषि कार्य हेतु जीवन रेखा मानी जाती है। लाक डाउन के दौरान काफी संख्या में लोग गैर प्रांतों व जनपदों से जिले में लौटे हैं। रोजगार न होने से घर लौटे लोगों को काम देने के लिए मनरेगा के तहत बेलन नदी के जीर्णोद्धार की तैयारी है। इसके तहत करीब 49 किमी दूरी तक नदी की खोदाई कराने की योजना बनाई गई है। उद्देश्य है कि इस कार्य से नदी के जीर्णोद्धार के साथ ही 98784 रोजगार दिवस का सृजन भी हो सकेगा। इस कार्य को तीन महीने में अंजाम देने का लक्ष्य तय किया गया है। इस दौरान नदी में खोदाई कराकर 168225 घनमीटर मिट्टी सिल्ट के रूप में निकाली जाएगी। इसको लेकर बेलन नदी के उद्गम स्थल पर विधिवत पूजन अर्चन हुआ।
बता दें कि अन्य नदियों के विपरीत दिशा में बहने वाली नदी बेलन सोनभद्र और मिर्जापुर जिले से होते हुए करीब सौ किमी की यात्रा कर प्रयागराज में टोंस नदी में मिल जाती है। इस नदी से करीब 70 से 80 हजार हेक्टेयर खेत की सिंचाई होती है। यह नदी जिस रास्ते से गुजरी है वहीं से गांवों की सरहद का भी बंटवारा हुआ है। उद्घाटन के मौके पर डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, बीडीओ निरंकार मिश्रा, प्रधान नागेंद्र सिंह, कमलेश ओझा, सुशील मिश्रा, राजबहादुर सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, विनय श्रीवास्तव, विनीत मौर्या मौजूद रहे।
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बेलन नदी चतरा, राबर्ट्सगंज व घोरावल ब्लाक के लोगों के लिए कृषि कार्य हेतु जीवन रेखा मानी जाती है। लाक डाउन के दौरान काफी संख्या में लोग गैर प्रांतों व जनपदों से जिले में लौटे हैं। रोजगार न होने से घर लौटे लोगों को काम देने के लिए मनरेगा के तहत बेलन नदी के जीर्णोद्धार की तैयारी है। इसके तहत करीब 49 किमी दूरी तक नदी की खोदाई कराने की योजना बनाई गई है। उद्देश्य है कि इस कार्य से नदी के जीर्णोद्धार के साथ ही 98784 रोजगार दिवस का सृजन भी हो सकेगा। इस कार्य को तीन महीने में अंजाम देने का लक्ष्य तय किया गया है। इस दौरान नदी में खोदाई कराकर 168225 घनमीटर मिट्टी सिल्ट के रूप में निकाली जाएगी। इसको लेकर बेलन नदी के उद्गम स्थल पर विधिवत पूजन अर्चन हुआ।
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बता दें कि अन्य नदियों के विपरीत दिशा में बहने वाली नदी बेलन सोनभद्र और मिर्जापुर जिले से होते हुए करीब सौ किमी की यात्रा कर प्रयागराज में टोंस नदी में मिल जाती है। इस नदी से करीब 70 से 80 हजार हेक्टेयर खेत की सिंचाई होती है। यह नदी जिस रास्ते से गुजरी है वहीं से गांवों की सरहद का भी बंटवारा हुआ है। उद्घाटन के मौके पर डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, बीडीओ निरंकार मिश्रा, प्रधान नागेंद्र सिंह, कमलेश ओझा, सुशील मिश्रा, राजबहादुर सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, विनय श्रीवास्तव, विनीत मौर्या मौजूद रहे।
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