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बीएसएनएल बचाओ, देश बचाओ की आवाज बुलंद
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सोनभद्र। ऑल यूनियन, एसोसिएशन आफ बीएसएनएल की तरफ से सोमवार को पांच सूत्री मांगों को लेकर बीएसएनएल दफ्तर पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बीएसएनएल बचाओ, देश बचाओ.. की आवाज बुलंद की गई।
एसडीई शैलेष निगम, धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना था कि बीएसएनएल मैनेजमेंट द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार बीएसएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शीघ्र किया जाए। बीएसएनएल की भूमि प्रबंधन नीति का शीघ्र अनुमोदन करने की भी मांग उठाई। पंकज यादव, राजेश कुमार ने बीएसएनएल स्थापना के समय लिए गए निर्णयानुसार सभी संपत्तियों के जल्द स्थानांतरण की मांग की। कहा कि ग्रुप आफ मिनिस्टर्स की तरफ से लिए गए निर्णय के क्रम में बीएसएनएल की वित्तीय जीवंतता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाए। आशीष कुमार द्विवेदी, शिव सत्यशरण सिंह ने कहा कि बीएसएनएल को बैंक से ऋण लेने के प्रस्ताव के लिए लेटर आफ कंफर्ट जारी किया जाए। बीएसएनएल के मोबाइल सेवा का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन-रखरखाव का प्रस्ताव रद्द करने, तीसरे वेतन संशोधन की स्वीकृति शीघ्र देने की आवाज उठाई। महेंद्र शर्मा, सुरेंद्रधर दुबे का कहना था कि वर्ष 2004 से 2008 के बीच बीएसएनएल ने 54 हजार करोड़ का मुनाफा दिया है। जब बीएसएनएल मोबाइल सेवा में नहीं थी, तब जनता को इनकमिंग काल के 16 रुपये और आउटगोइंग काल के 32 रुपये देने पड़ते थे। ऐसे में अगर बीएसएनएल का निजीकरण हुआ या इसे बंद किया गया तो फिर से पुरानी स्थिति आ सकती है। इस मौके पर शकील अहमद, रामनारायण, सूर्यभान, राधेश्याम, चंद्रशेखर, छविराज यादव, कैलाश यादव आदि मौजूद थे।
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एसडीई शैलेष निगम, धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना था कि बीएसएनएल मैनेजमेंट द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार बीएसएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शीघ्र किया जाए। बीएसएनएल की भूमि प्रबंधन नीति का शीघ्र अनुमोदन करने की भी मांग उठाई। पंकज यादव, राजेश कुमार ने बीएसएनएल स्थापना के समय लिए गए निर्णयानुसार सभी संपत्तियों के जल्द स्थानांतरण की मांग की। कहा कि ग्रुप आफ मिनिस्टर्स की तरफ से लिए गए निर्णय के क्रम में बीएसएनएल की वित्तीय जीवंतता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाए। आशीष कुमार द्विवेदी, शिव सत्यशरण सिंह ने कहा कि बीएसएनएल को बैंक से ऋण लेने के प्रस्ताव के लिए लेटर आफ कंफर्ट जारी किया जाए। बीएसएनएल के मोबाइल सेवा का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन-रखरखाव का प्रस्ताव रद्द करने, तीसरे वेतन संशोधन की स्वीकृति शीघ्र देने की आवाज उठाई। महेंद्र शर्मा, सुरेंद्रधर दुबे का कहना था कि वर्ष 2004 से 2008 के बीच बीएसएनएल ने 54 हजार करोड़ का मुनाफा दिया है। जब बीएसएनएल मोबाइल सेवा में नहीं थी, तब जनता को इनकमिंग काल के 16 रुपये और आउटगोइंग काल के 32 रुपये देने पड़ते थे। ऐसे में अगर बीएसएनएल का निजीकरण हुआ या इसे बंद किया गया तो फिर से पुरानी स्थिति आ सकती है। इस मौके पर शकील अहमद, रामनारायण, सूर्यभान, राधेश्याम, चंद्रशेखर, छविराज यादव, कैलाश यादव आदि मौजूद थे।
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