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टेलीफोन तार बिछाने के नाम पर उखाड़े पेड़
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:28 PM IST
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विण्ढमगंज। जहां एक और पूरे प्रदेश में पेड़ लगाने का अभियान चल रहा है, वहीं दूसरी ओर एक निजी कंपनी ने टेलीफोन का तार बिछाने के नाम पर सैकड़ों पेड़ को जेसीबी मशीन से उखाड़ कर फेंक दिया गया। इससे प्रशासन के पर्यावरण संरक्षण के प्रयास को झटका लग रहा है। रेंजर पीके श्रीवास्तव का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।
विंढमगंज-कोन मार्ग पर विंढमगंज से कुडवा मोड़ तक करीब पांच किमी जंगल पड़ता है। विंढमगंज कोन मार्ग पर एक निजी कंपनी का टेलीफोन तार बिछाने का काम चल रहा है। तार बिछाने के लिए आधा मीटर चौड़ा और करीब डेढ़ मीटर गहरा गड्ढा खोदा जाता है। यह काम मजदूरों से न कराकर जेसीबी मशीन से किया जा रहा है। इससे जंगल में करीब 10 से 12 फीट मिट्टी की चौड़ा एरिया में लगे पेड़, पौधे जेसीबी से उखाड़ दिया गया। करीब पांच किमी क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ और पौधे नष्ट कर दिया गया। टेलीफोन तार बिछाने के लिए सड़क के किनारे की गड्ढा खोदकर तार बिछाने का काम होता है, लेकिन निजी कंपनी के लोगों ने सड़क से 20 से 30 मीटर दूर बीच जंगल में तार बिछाने का काम किया है। विंढमगंज के रेंजर पीके श्रीवास्तव बताया कि उन्हें पेड़ नष्ट किये जाने की जानकारी नहीं है। वे वन दरोगा को भेजकर इसकी जांच कराएंगे और जरूरत पड़ी तो नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
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विंढमगंज-कोन मार्ग पर विंढमगंज से कुडवा मोड़ तक करीब पांच किमी जंगल पड़ता है। विंढमगंज कोन मार्ग पर एक निजी कंपनी का टेलीफोन तार बिछाने का काम चल रहा है। तार बिछाने के लिए आधा मीटर चौड़ा और करीब डेढ़ मीटर गहरा गड्ढा खोदा जाता है। यह काम मजदूरों से न कराकर जेसीबी मशीन से किया जा रहा है। इससे जंगल में करीब 10 से 12 फीट मिट्टी की चौड़ा एरिया में लगे पेड़, पौधे जेसीबी से उखाड़ दिया गया। करीब पांच किमी क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ और पौधे नष्ट कर दिया गया। टेलीफोन तार बिछाने के लिए सड़क के किनारे की गड्ढा खोदकर तार बिछाने का काम होता है, लेकिन निजी कंपनी के लोगों ने सड़क से 20 से 30 मीटर दूर बीच जंगल में तार बिछाने का काम किया है। विंढमगंज के रेंजर पीके श्रीवास्तव बताया कि उन्हें पेड़ नष्ट किये जाने की जानकारी नहीं है। वे वन दरोगा को भेजकर इसकी जांच कराएंगे और जरूरत पड़ी तो नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
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