{"_id":"5a4924844f1c1b4e718bc326","slug":"191514742916-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब पांच और नगर पंचायतों में लगेगा गृहकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब पांच और नगर पंचायतों में लगेगा गृहकर
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निकायों की आय बढ़ाने के लिए अब कर की वसूली की जाएगी। जिले के पांच नगर पंचायत क्षेत्रों ओबरा, चुर्क-गुर्मा, दुद्धी, रेणुकूट और पिपरी में गृह कर लगाने के लिए स्थानीय निकाय के निदेशक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने अधिशासी अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। इन पांचों नगर पंचायतों को लेकर करीब दो लाख की आबादी कर से प्रभावित होगी। राबर्ट्सगंज, घोरावल और चोपन नगर पंचायत में पहले से ही गृहकर और जलकर की वसूली होती चली आ रही है।
जिले में एकमात्र नगर पालिका राबर्ट्सगंज और सात नगर पंचायतें घोरावल, चुर्क-गुर्मा, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी हैं। इनमें से पांच नगर पंचायतों में आय का कोई स्रोत नहीं है। राबर्ट्सगंज, चोपन और घोरावल में गृहकर एवं जलकर की वसूली होती है, लेकिन यहां समस्याएं अब भी सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ी हैं। अब शासन ने पांच अन्य नगर पंचायतों चुर्क-गुर्मा, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी में कर लगाने का फरमान जारी किया है। रेणुकूट प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत में आय का स्रोत केवल पानी टैंकर की सप्लाई से थोड़ा बहुत वसूल हो पाता है। नगर रेलवे ट्रैक के इर्द-गिर्द बसा है। ज्यादातर झुग्गी झोपड़ी है और मामूली मकान होंगे। पक्के मकान की संख्या करीब छह सौ होगी। पिपरी नगर पंचायत क्षेत्र में ज्यादातर मकान जल विद्युत निगम और सिंचाई विभाग के हैं। शेष मकान पीपी एक्ट की जद में हैं। अतिक्रमण का विवाद न्यायालय में है। बमुश्किल चार सौ मकान होंगे। आय का स्रोत जलकर, विवाह मंडप, कल्याण भवन, टैंकर से जल सप्लाई हैं। पिपरी की आबादी करीब 40 हजार और रेणुकूट की आबादी करीब 85 हजार है। चुर्क प्रतिनिधि के अनुसार यहां की आबादी करीब नौ हजार है। यहां कर नहीं लगता है। ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत का गठन ओबरा तापीय परियोजना के कई सेक्टरों एवं प्राइवेट क्षेत्र को मिलाकर हुआ है। यहां की आय का स्रोत तहबाजारी, पानी कनेक्शन एवं सप्लाई है। आबादी करीब 50 हजार है। दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार यहां की आबादी करीब साढ़े 14 हजार है और यहां जलकर आय का स्रोत है। गृह कर लगने से नगर के विकास की भी उम्मीद है।
विज्ञापन
जिले में एकमात्र नगर पालिका राबर्ट्सगंज और सात नगर पंचायतें घोरावल, चुर्क-गुर्मा, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी हैं। इनमें से पांच नगर पंचायतों में आय का कोई स्रोत नहीं है। राबर्ट्सगंज, चोपन और घोरावल में गृहकर एवं जलकर की वसूली होती है, लेकिन यहां समस्याएं अब भी सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ी हैं। अब शासन ने पांच अन्य नगर पंचायतों चुर्क-गुर्मा, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी में कर लगाने का फरमान जारी किया है। रेणुकूट प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत में आय का स्रोत केवल पानी टैंकर की सप्लाई से थोड़ा बहुत वसूल हो पाता है। नगर रेलवे ट्रैक के इर्द-गिर्द बसा है। ज्यादातर झुग्गी झोपड़ी है और मामूली मकान होंगे। पक्के मकान की संख्या करीब छह सौ होगी। पिपरी नगर पंचायत क्षेत्र में ज्यादातर मकान जल विद्युत निगम और सिंचाई विभाग के हैं। शेष मकान पीपी एक्ट की जद में हैं। अतिक्रमण का विवाद न्यायालय में है। बमुश्किल चार सौ मकान होंगे। आय का स्रोत जलकर, विवाह मंडप, कल्याण भवन, टैंकर से जल सप्लाई हैं। पिपरी की आबादी करीब 40 हजार और रेणुकूट की आबादी करीब 85 हजार है। चुर्क प्रतिनिधि के अनुसार यहां की आबादी करीब नौ हजार है। यहां कर नहीं लगता है। ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत का गठन ओबरा तापीय परियोजना के कई सेक्टरों एवं प्राइवेट क्षेत्र को मिलाकर हुआ है। यहां की आय का स्रोत तहबाजारी, पानी कनेक्शन एवं सप्लाई है। आबादी करीब 50 हजार है। दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार यहां की आबादी करीब साढ़े 14 हजार है और यहां जलकर आय का स्रोत है। गृह कर लगने से नगर के विकास की भी उम्मीद है।
विज्ञापन