{"_id":"5972441f4f1c1b47458b47c9","slug":"191500660767-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश में शक्तिनगर बनेगा विद्युत उत्पादन का संगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश में शक्तिनगर बनेगा विद्युत उत्पादन का संगम
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र (शक्तिनगर)। एनटीपीसी सिंगरौली (शक्तिनगर) बिजलीघर के उत्पादन में सात मेगावाट की बढ़ोत्तरी हाइड्रो पावर प्लांट से होगी। हाइड्रो प्लांट को इस माह के अंत तक चालू करने के लिए इंजीनियरों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
अगले सप्ताह एनटीपीसी के निदेशक (आपरेशन) प्लांट का निरीक्षण कर सकते हैं। इसी के बाद प्लांट के संचालन की औपचारिक घोषणा की उम्मीद है। शक्तिनगर (यूपी) में स्थित एनटीपीसी सिंगरौली का यह प्लांट मध्य प्रदेश में है। इस प्लांट के चालू होने से एनटीपीसी सिंगरौली की कुल बिजली उत्पादन क्षमता दो हजार 22 मेगावाट हो जाएगी। यही नहीं सिंगरौली देश का पहला प्रोजेक्ट बन जाएगा जहां थर्मल, सोलर के बाद हाइड्रो बिजली (जल विद्युत) जनरेट होगी। बताते चले कि फिलहाल इस प्लांट से दो हजार मेगावाट थर्मल, 15 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादित होती है। इस माह के अंत तक सात मेगावाट हाइड्रो बिजली भी उत्तरी ग्रिड को मिलने लगेगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बीते साल रिहंद जलाशय के जल स्तर में हुई भारी बढ़ोत्तरी के बाद निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का एक हिस्सा डूब गया था। इसके चलते क्षति उठानी पड़ी थी लेकिन इस बार पावर प्रबंधन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। यही वजह है कि हाइड्रो प्रोजेक्ट का जल्द शुरू कराने के लिए हर स्तर पर कार्य तेज कर दिया गया है। हाइड्रो प्रोजेक्ट को जून में चालू करने की योजना थी। इसमें कुछ तकनीकी वजहों से देरी हुई लेकिन प्रयास इस बात का किया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द चालू कर लिया जाए।
विज्ञापन
अगले सप्ताह एनटीपीसी के निदेशक (आपरेशन) प्लांट का निरीक्षण कर सकते हैं। इसी के बाद प्लांट के संचालन की औपचारिक घोषणा की उम्मीद है। शक्तिनगर (यूपी) में स्थित एनटीपीसी सिंगरौली का यह प्लांट मध्य प्रदेश में है। इस प्लांट के चालू होने से एनटीपीसी सिंगरौली की कुल बिजली उत्पादन क्षमता दो हजार 22 मेगावाट हो जाएगी। यही नहीं सिंगरौली देश का पहला प्रोजेक्ट बन जाएगा जहां थर्मल, सोलर के बाद हाइड्रो बिजली (जल विद्युत) जनरेट होगी। बताते चले कि फिलहाल इस प्लांट से दो हजार मेगावाट थर्मल, 15 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादित होती है। इस माह के अंत तक सात मेगावाट हाइड्रो बिजली भी उत्तरी ग्रिड को मिलने लगेगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बीते साल रिहंद जलाशय के जल स्तर में हुई भारी बढ़ोत्तरी के बाद निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का एक हिस्सा डूब गया था। इसके चलते क्षति उठानी पड़ी थी लेकिन इस बार पावर प्रबंधन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। यही वजह है कि हाइड्रो प्रोजेक्ट का जल्द शुरू कराने के लिए हर स्तर पर कार्य तेज कर दिया गया है। हाइड्रो प्रोजेक्ट को जून में चालू करने की योजना थी। इसमें कुछ तकनीकी वजहों से देरी हुई लेकिन प्रयास इस बात का किया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द चालू कर लिया जाए।
विज्ञापन