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45 निर्धन और असहाय कन्याओं की हुई शादी
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सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज विकास खंड क्षेत्र के सुकृत में स्थित बैजू बाबा मंदिर परिसर में यूपी सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। धूमधाम से 45 निर्धन और असहाय कन्याओं की शादी संपन्न हुई। एक जोड़े मुस्लिम वर-वधू भी थे। मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे और प्रभारी डीएम/सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया।
बताते चले कि जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 50 जोड़ों शादी का इंतजाम किया गया था। लेकिन 45 जोड़े ही शादी में शामिल हो सकें। बैजू बाबा मंदिर के कुछ दूरी पर बारातियों को ठहरने की व्यवस्था की गई थी। गांजे-बाजे के साथ बाराती वैवाहिक स्थल पर पहुंचे। यहां पर सदर एसडीएम जमुना धर चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णानंद तिवारी, सिटी सीओ राहुल मिश्रा, कोतवाल विपिन तिवारी समेत अन्य ने बारातियों का स्वागत किया। विद्यानों ने द्वारचार की रस्म अदायगी कराने के बाद विवाह का कार्यक्रम शुरू कराया। विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रत्येक जोड़ों की शादी के लिए 51 हजार दे रही है। इसमें से 35 हजार रुपये दुल्हन के खाते में भेजी जाती है। दस हजार का कलश, बिस्तर, बक्सा समेत अन्य सामान दिया जाता है। छह हजार रुपये घरातियों और बारातियों के भोजन, नाश्ता आदि पर खर्च किया जाता है। क्षेत्रीय लोगों ने भी वर-वधू को आशीर्वाद दिया। उधर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सामूहिक विवाह कराकर राजनीतिक जनप्रतिनिधि द्वारा व्यक्तिगत श्रेय लिया जा रहा है और इसमें समाज कल्याण विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। इसकी जांच होनी आवश्यक है।
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बताते चले कि जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 50 जोड़ों शादी का इंतजाम किया गया था। लेकिन 45 जोड़े ही शादी में शामिल हो सकें। बैजू बाबा मंदिर के कुछ दूरी पर बारातियों को ठहरने की व्यवस्था की गई थी। गांजे-बाजे के साथ बाराती वैवाहिक स्थल पर पहुंचे। यहां पर सदर एसडीएम जमुना धर चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णानंद तिवारी, सिटी सीओ राहुल मिश्रा, कोतवाल विपिन तिवारी समेत अन्य ने बारातियों का स्वागत किया। विद्यानों ने द्वारचार की रस्म अदायगी कराने के बाद विवाह का कार्यक्रम शुरू कराया। विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रत्येक जोड़ों की शादी के लिए 51 हजार दे रही है। इसमें से 35 हजार रुपये दुल्हन के खाते में भेजी जाती है। दस हजार का कलश, बिस्तर, बक्सा समेत अन्य सामान दिया जाता है। छह हजार रुपये घरातियों और बारातियों के भोजन, नाश्ता आदि पर खर्च किया जाता है। क्षेत्रीय लोगों ने भी वर-वधू को आशीर्वाद दिया। उधर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सामूहिक विवाह कराकर राजनीतिक जनप्रतिनिधि द्वारा व्यक्तिगत श्रेय लिया जा रहा है और इसमें समाज कल्याण विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। इसकी जांच होनी आवश्यक है।
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