{"_id":"5a2c21c34f1c1b87698c0ae1","slug":"181512841667-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्युत की बढ़ी दरों के खिलाफ अद ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्युत की बढ़ी दरों के खिलाफ अद ने दिया धरना
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। विद्युत की बढ़ी दरों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। शनिवार को अपना दल कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। बढ़ी दर को ग्रामीण क्षेत्र और किसानों के साथ धोखा बताते हुए इसे जन विरोधी करार दिया। राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर बढ़ी दर को वापस लेने की मांग की। अद ने नियामक आयोग और भाजपा पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया।
धरना सभा में जिलाध्यक्ष इं. सीडी सिंह पटेल ने कहा कि विद्युत दरों में वृद्घि भाजपा सरकार की राजनैतिक बेईमानी और अनैतिक आचरण को दर्शाता है। किसानों विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत दरों में की गई बेतहाशा वृद्घि भाजपा सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। केंद्र और प्रदेेश सरकारें ग्रामीण क्षेत्र और किसान विरोधी हैं। पूर्व की सरकार में विद्युत उत्पादन आठ हजार पांच सौ मेगावाट से 16 हजार मेगावाट उत्पादन किया गया। वहीं भाजपा सरकार में उत्पादन को बढ़ाने की पहल न कर गिरावट हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मीटर बिजली उपभोक्ताओं को जो बिजली दरें हुई हैं, उससे साबित होता है कि गांव की जनता को ठगा गया है। युवा मंच के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि नियामक आयोग संवैधानिक संस्था है जो पावर कारपोरेशन प्रबंधक के दबाव में काम कर रहा है। 13 फीसदी बिजली महंगी होने से उपभोक्ताओं को एक और महंगाई के दौर से गुजरना पड़ेगा। अद कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन देकर बढ़ी हुई दर वापस लेने, कृषि यंत्रों ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, हैरो पर जीएसटी खत्म करने, फसल का समर्थन मूूल्य तय करने, बिजली और डीजल में किसानों को अतिरिक्त सब्सीडी देने की मांग उठाई। धरना में सुरेश सिंह, गंगेश्वर सिंह, सूर्य प्रकाश पटेल, राकेश सिंह, निर्मला मिश्रा, नीतूू पांडेय, कमलेश सिंह, राजवंशी प्रजापति, शांति, कृष्ण कुमार, सुनील, संतोष, पुष्पराज मौजूद रहे।
विज्ञापन
धरना सभा में जिलाध्यक्ष इं. सीडी सिंह पटेल ने कहा कि विद्युत दरों में वृद्घि भाजपा सरकार की राजनैतिक बेईमानी और अनैतिक आचरण को दर्शाता है। किसानों विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत दरों में की गई बेतहाशा वृद्घि भाजपा सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। केंद्र और प्रदेेश सरकारें ग्रामीण क्षेत्र और किसान विरोधी हैं। पूर्व की सरकार में विद्युत उत्पादन आठ हजार पांच सौ मेगावाट से 16 हजार मेगावाट उत्पादन किया गया। वहीं भाजपा सरकार में उत्पादन को बढ़ाने की पहल न कर गिरावट हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मीटर बिजली उपभोक्ताओं को जो बिजली दरें हुई हैं, उससे साबित होता है कि गांव की जनता को ठगा गया है। युवा मंच के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि नियामक आयोग संवैधानिक संस्था है जो पावर कारपोरेशन प्रबंधक के दबाव में काम कर रहा है। 13 फीसदी बिजली महंगी होने से उपभोक्ताओं को एक और महंगाई के दौर से गुजरना पड़ेगा। अद कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन देकर बढ़ी हुई दर वापस लेने, कृषि यंत्रों ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, हैरो पर जीएसटी खत्म करने, फसल का समर्थन मूूल्य तय करने, बिजली और डीजल में किसानों को अतिरिक्त सब्सीडी देने की मांग उठाई। धरना में सुरेश सिंह, गंगेश्वर सिंह, सूर्य प्रकाश पटेल, राकेश सिंह, निर्मला मिश्रा, नीतूू पांडेय, कमलेश सिंह, राजवंशी प्रजापति, शांति, कृष्ण कुमार, सुनील, संतोष, पुष्पराज मौजूद रहे।
विज्ञापन