ओबरा। स्थानीय खैरटिया गांव की मुख्य सड़क के निर्माण को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने मंगलवार को अपना दल एस के जिला महासचिव शिवदत्त दुबे के नेतृत्व में रोड पर बने गड्ढों में भरे पानी में धान की रोपाई कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। श्री दुबे ने बताया कि ओबरा तहसील मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर खैरटिया के ओम चौराहे से लेकर रेणुका नदी तक लगभग दो किलोमीटर वाला यह मुख्य मार्ग है। इस खैरटिया गांव में लगभग 10000 आबादी निवास करती है। गड्ढों में तब्दील इसी मार्ग से ग्रामीणों का आवागमन होता है जिसके कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन स्कूली बच्चे बूढे बुजुर्ग इन गड्ढों में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल हो जाते हैं। रात के समय तो पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। बताया कि बिल्ली मारकुंडी का यह गांव उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राजस्व देने वाला ग्राम पंचायत होने के बावजूद खनिज विकास निधि और सीएसआर का फंड कहीं और खर्च किया जा रहा है। यहां के ग्रामीण रोड, नाली, प्रकाश की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित वंचित हैं। आरोप लगाया कि अधिकारी केवल झूठा आश्वासन देकर सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग किया कि रोड का चौड़ीकरण कर रोड व बगल में नालियों का निर्माण हमारे हक के खनिज विकास निधि से निर्माण कराया जाए, यदि निर्माण कार्य जल्द नहीं कराया गया तो सभी ग्रामीण एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से सतीश तिवारी, फूलचंद जायसवाल, जगमोहन, शरीफ खान, शारदा जायसवाल, राम दरस सोनी, जितेंद्र केसरी, अशोक जायसवाल, रामविलास सिंह, लल्लन भारती, हनुमान जायसवाल, रुपेश यादव, अवधेश मद्धेशिया, बीके शुक्ला, मनोज शर्मा, विनोद पटेल, राम पुकार पासवान, पंकज दुबे, राम भजन गुप्ता, दिनेश केसरी, श्याम गिरी, राजेश जायसवाल, गुलाबी देवी आदि शामिल रहे।