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मैटेरियल सप्लायर की भूमिका निभा रहे प्रधान
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:34 PM IST
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सोनभद्र। जिले में प्रधानमंत्री आवास और शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा हैै। इसमें ग्राम प्रधान मैटेरियल सप्लायर की भूमिका में आ गए हैैं। शासनादेश के विरुद्घ वे ही लाभार्थियों के यहां बोल्डर, गिट्टी, बालू, सीमेंट आदि गिरा रहे हैं और उनसे पैसा ले रहे हैं। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा का कहना हैै कि उन्होंने भी कुछ ग्राम पंचायतों की जांच की है, जहां लाभार्थियों ने ग्राम प्रधानों द्वारा सामान गिराने की जानकारी दी गई है।
जिले के अधिकांश प्रधान स्वयं बिल्डिंग मैटेरियल की दूकान खोल लिए है। प्रधानमंत्री आवास योजना का धन मटेरियल सप्लाई के नाम पर लाभार्थियों के खाते से निकलवाकर मनमाना वसूली किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास का धन सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। प्रथम किश्त से निर्माण के बाद दूसरी किश्त दी जाती है। शासन ने आदेश भी जारी किया था कि कोई भी प्रधान या बिचौलिया आवास में कमीशनखोरी नही करेगा, लेकिन जिले के तमाम ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने कमीशन खोरी का नया तरीका निकाल लिया है। अधिकांश प्रधान स्वयं बिल्डिंग मैटेरियल की दूकान खोल लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का धन मैटेरियल सप्लाई के नाम पर लाभार्थियों के खाते से निकलवाकर मनमाना वसूली किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास का धन सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। चर्चा तो यहां तक है कि रजिस्टर्ड दूकानदारों से सामान सप्लाई न करने के वजह से सरकार को टैक्स चोरी का चूना लग रहा हैै। परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा ने कहा है कि इसी वजह से आवास का निर्माण जल्द पूरा नहीं हो रहा हैै। इसकी जांच कराई जाएगी। प्रधानों और सेक्रेटरियों को नोटिस भी जारी की जाएगी।
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जिले के अधिकांश प्रधान स्वयं बिल्डिंग मैटेरियल की दूकान खोल लिए है। प्रधानमंत्री आवास योजना का धन मटेरियल सप्लाई के नाम पर लाभार्थियों के खाते से निकलवाकर मनमाना वसूली किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास का धन सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। प्रथम किश्त से निर्माण के बाद दूसरी किश्त दी जाती है। शासन ने आदेश भी जारी किया था कि कोई भी प्रधान या बिचौलिया आवास में कमीशनखोरी नही करेगा, लेकिन जिले के तमाम ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने कमीशन खोरी का नया तरीका निकाल लिया है। अधिकांश प्रधान स्वयं बिल्डिंग मैटेरियल की दूकान खोल लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का धन मैटेरियल सप्लाई के नाम पर लाभार्थियों के खाते से निकलवाकर मनमाना वसूली किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास का धन सीधे लाभार्थियों के खाते में आता है। चर्चा तो यहां तक है कि रजिस्टर्ड दूकानदारों से सामान सप्लाई न करने के वजह से सरकार को टैक्स चोरी का चूना लग रहा हैै। परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा ने कहा है कि इसी वजह से आवास का निर्माण जल्द पूरा नहीं हो रहा हैै। इसकी जांच कराई जाएगी। प्रधानों और सेक्रेटरियों को नोटिस भी जारी की जाएगी।
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