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कनहर परियोजना की बढ़ सकती है रिवाइज स्टीमेट 15-40-54
Updated Thu, 19 Oct 2017 06:34 PM IST
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सोनभद्र (दुद्धी)। कनहर सिंचाई परियोजना निर्माण में देरी होने से परियोजना की रिवाइज स्टीमेट में करीब 200 करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है।
वर्ष 1976 से निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना की लागत 27 करोड़ थी जो वर्ष 2014 में 2223 करोड़ रुपये जा पहुंची और परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य वर्ष 2018 तय हुआ था, लेकिन वर्तमान सरकार की परियोजना प्रति उदासीनता से बजट न मिलने के कारण 2018 तक परियोजना पूर्ण होते नहीं दिख रहा। परियोजना निर्माण में देरी होने से इसकी लागत भी बढ़ सकती है। आधिकारिक सूत्रों की माने तो करीब 200 करोड़ रुपये धनराशि की रिवाइज स्टीमेट बनाने की तैयारी हो रही है। परियोजना निर्माण बजट के अभाव में रुक जाने से निर्माण में हो रही देरी से किसानों सहित प्रबुद्धवर्ग में चिंता है कि परियोजना का निर्माण कब पूरा होगा और कब खेतों को पानी मिलेगा। परियोजना की लागत बढ़ने से अतिरिक्त भार बढ़ेगा जो तय समय में न बन पाना ही चिंता का विषय है। अब तक करीब 55 फीसदी हुए निर्माण कार्यों को शासन के बजट न देने पर चार माह से निर्माण कार्य बंद है, जिससे स्थानीय मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं। बता दें कि परियोजना निर्माण से 108 गांव लाभान्वित होंगे। इस संदर्भ में कनहर परियोजना के एक्सईएन हेमंत वर्मा का कहना है कि अगर सरकार की ओर से बजट समय से मिल जाता है तो लक्ष्य के तहत समय से परियोजना का निर्माण पूर्ण हो जाएगा। देर होने पर संभावना व्यक्त की जा सकती है कि रिवाइज स्टीमेट बढ़ सकता है।
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वर्ष 1976 से निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना की लागत 27 करोड़ थी जो वर्ष 2014 में 2223 करोड़ रुपये जा पहुंची और परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य वर्ष 2018 तय हुआ था, लेकिन वर्तमान सरकार की परियोजना प्रति उदासीनता से बजट न मिलने के कारण 2018 तक परियोजना पूर्ण होते नहीं दिख रहा। परियोजना निर्माण में देरी होने से इसकी लागत भी बढ़ सकती है। आधिकारिक सूत्रों की माने तो करीब 200 करोड़ रुपये धनराशि की रिवाइज स्टीमेट बनाने की तैयारी हो रही है। परियोजना निर्माण बजट के अभाव में रुक जाने से निर्माण में हो रही देरी से किसानों सहित प्रबुद्धवर्ग में चिंता है कि परियोजना का निर्माण कब पूरा होगा और कब खेतों को पानी मिलेगा। परियोजना की लागत बढ़ने से अतिरिक्त भार बढ़ेगा जो तय समय में न बन पाना ही चिंता का विषय है। अब तक करीब 55 फीसदी हुए निर्माण कार्यों को शासन के बजट न देने पर चार माह से निर्माण कार्य बंद है, जिससे स्थानीय मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं। बता दें कि परियोजना निर्माण से 108 गांव लाभान्वित होंगे। इस संदर्भ में कनहर परियोजना के एक्सईएन हेमंत वर्मा का कहना है कि अगर सरकार की ओर से बजट समय से मिल जाता है तो लक्ष्य के तहत समय से परियोजना का निर्माण पूर्ण हो जाएगा। देर होने पर संभावना व्यक्त की जा सकती है कि रिवाइज स्टीमेट बढ़ सकता है।