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सत्यापन में पात्र गृहस्थी के ज्यादातर अपात्रों के नाम, हंगामा
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:47 PM IST
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सोनभद्र। जिले की ग्राम पंचायतों को मानकों के पूर्ण किये बगैर ही खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया जा रहा है। इसका खुलासा डिप्टी डायरेक्टर एके शाही के अगुवाई में आई तीन सत्यापन टीम की जांच से हुआ है। शाही के मुताबिक शौचालयों का पूर्ण निर्माण कराये बगैर ही जमगांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। सत्यापन के बाद इसे ओडीएफ से निरस्त कर दिया गया है और 15 दिन में कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। चेताया है कि यदि निर्माण पूर्ण नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत राज विभाग की ओर से विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विंध्याचल मंडल एके शाही को 46 ओडीएफ गांवों की सूची सौंपी थी। गुरुवार को शाही के अगुवाई में तीन सत्यापन टीम ने जिले में दो दिन लगातार ओडीएफ गांवों का सत्यापन किया। टीम में चार मंडलीय कोआर्डिनेटर, कौशल विकास मिशन के चार सदस्य, एक ग्राम पंचायत शामिल हैं। टीम ने दो दिन तक 40 गांवों में शौचालयों का सत्यापन किया और गांव में स्वच्छता के हालात देखे। सत्यापन के बाद डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि सदर ब्लॉक के जमगांव गांव में सत्यापन में पाया गया कि 10 से 15 शौचालयों का निर्माण पूर्ण नहीं हुआ है और गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इस पर उन्होंने गांव को ओडीएफ होने से निरस्त कर दिया। 15 दिन में शौचालयों का निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश दिया। चेताया कि यदि निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि शौचालयों का निर्माण पूर्ण होने पर ही दोबारा गांव को ओडीएफ घोषित किया जाए। टीम ने घोरावल ब्लॉक के भरूआं गांव का निरीक्षण किया। यहां भी छह शौचालय अधूरे मिले। यहां भी जल्द निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि आगे भी कार्य पूर्ण होने की सूचना पर सत्यापन का कार्य कराया जाएगा।
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जिला पंचायत राज विभाग की ओर से विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विंध्याचल मंडल एके शाही को 46 ओडीएफ गांवों की सूची सौंपी थी। गुरुवार को शाही के अगुवाई में तीन सत्यापन टीम ने जिले में दो दिन लगातार ओडीएफ गांवों का सत्यापन किया। टीम में चार मंडलीय कोआर्डिनेटर, कौशल विकास मिशन के चार सदस्य, एक ग्राम पंचायत शामिल हैं। टीम ने दो दिन तक 40 गांवों में शौचालयों का सत्यापन किया और गांव में स्वच्छता के हालात देखे। सत्यापन के बाद डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि सदर ब्लॉक के जमगांव गांव में सत्यापन में पाया गया कि 10 से 15 शौचालयों का निर्माण पूर्ण नहीं हुआ है और गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इस पर उन्होंने गांव को ओडीएफ होने से निरस्त कर दिया। 15 दिन में शौचालयों का निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश दिया। चेताया कि यदि निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि शौचालयों का निर्माण पूर्ण होने पर ही दोबारा गांव को ओडीएफ घोषित किया जाए। टीम ने घोरावल ब्लॉक के भरूआं गांव का निरीक्षण किया। यहां भी छह शौचालय अधूरे मिले। यहां भी जल्द निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि आगे भी कार्य पूर्ण होने की सूचना पर सत्यापन का कार्य कराया जाएगा।
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