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19 हजार मेगावाट के पार पहुची प्रदेश में बिजली की मांग
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अनपरा। विगत एक सप्ताह से प्रदेश में लगातार बजली की मांग बढ़ रही है। एक सप्ताह के दौरान बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट से बढ़कर बुधवार को 19 हजार मेगावाट को पार कर गई। जिससे प्रदेश के बिजली घरों पर उत्पादन को लेकर दबाव बढ़ने लगा है।
बढ़ती गर्मी से प्रदेश में बिजली की मांग में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। इस दौरान अनपरा अ तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की तीनों इकाईयों से 494 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा ब परियोजना की चौथी व पांचवी इकाई से 856 मेगावाट, 500 अनपरा द परियोजना की छठवीं व सातवीं इकाई से 942.5 मेगावाट, 600 मेगावाट की अनपरा लैंको सी परियोजना की दोनो इकाईयों से 1017 मेगावाट, हरदुआगंज से 93.97 मेगावाट, हरदुआगंज द से 430 मेगावाट, ओबरा ब से 500 मेगावाट, परीछा अ से 92 मेगावाट, परीछा ब से 380 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा से 164 मेगावाट, बारा से 1050 मेगावाट, मेजा से 400 मेगावाट, रोजा प्रथम से 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय से 546 मेगावाट, डाटा से 292 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 19413 मेगावाट रही।
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बढ़ती गर्मी से प्रदेश में बिजली की मांग में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। इस दौरान अनपरा अ तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की तीनों इकाईयों से 494 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा ब परियोजना की चौथी व पांचवी इकाई से 856 मेगावाट, 500 अनपरा द परियोजना की छठवीं व सातवीं इकाई से 942.5 मेगावाट, 600 मेगावाट की अनपरा लैंको सी परियोजना की दोनो इकाईयों से 1017 मेगावाट, हरदुआगंज से 93.97 मेगावाट, हरदुआगंज द से 430 मेगावाट, ओबरा ब से 500 मेगावाट, परीछा अ से 92 मेगावाट, परीछा ब से 380 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा से 164 मेगावाट, बारा से 1050 मेगावाट, मेजा से 400 मेगावाट, रोजा प्रथम से 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय से 546 मेगावाट, डाटा से 292 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 19413 मेगावाट रही।
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