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चल-अचल संपति ऑनलाइन करने में घबरा रहे अधिकारी
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:38 PM IST
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सोनभद्र। शासन से सभी अधिकारियों को अपने चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन करने का निर्देश जारी हुआ है। बावजूद इसके करीब 30 प्रतिशत अधिकारियों ने अपनी संपत्ति को सार्वजनिक नहीं की है। डीएम चार दिनों के भीतर सभी को संपत्ति का ब्यौरा भरने का निर्देश दिया है। इससे आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वालों मेें खलबली मची है।
बताते चले कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष अपनी आय, चल अचल संपत्ति ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है। ताकि सरकारी धन हजम कर मालामाल होने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकें। शासन के निर्देश के क्रम में अभी तक जिले के करीब 70 प्रतिशत अधिकारियों ने ही अपनी संपति को ऑनलाइन किया है। आय से अधिक संपति अर्जित करने वाले अधिकरियों को संपत्ति को सार्वजनिक करने पर जांच शुरू न हों जाय, इसका भय सता रहा है। इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति को अभी तक ऑनलाइन नहीं की है। सूत्रों की मानें तो कई अधिकारी अपनी कुछ भूमि, वाहन अपने सगे, संबंधितों के नाम करने लगे है। ताकि कम से कम संपति ऑनलाइन हों। जांच भी हो तो उनका गला न फंसे। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि सभी अधिकारियों को चार दिनों के भीतर अपनी संपति को ऑनलाइन करने का निर्देश दे दिया गया है। कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर जो अधिकारी अपनी संपति आनलाइन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ शासन को लिखा पढ़ी की जाएगी।
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बताते चले कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष अपनी आय, चल अचल संपत्ति ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है। ताकि सरकारी धन हजम कर मालामाल होने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकें। शासन के निर्देश के क्रम में अभी तक जिले के करीब 70 प्रतिशत अधिकारियों ने ही अपनी संपति को ऑनलाइन किया है। आय से अधिक संपति अर्जित करने वाले अधिकरियों को संपत्ति को सार्वजनिक करने पर जांच शुरू न हों जाय, इसका भय सता रहा है। इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति को अभी तक ऑनलाइन नहीं की है। सूत्रों की मानें तो कई अधिकारी अपनी कुछ भूमि, वाहन अपने सगे, संबंधितों के नाम करने लगे है। ताकि कम से कम संपति ऑनलाइन हों। जांच भी हो तो उनका गला न फंसे। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि सभी अधिकारियों को चार दिनों के भीतर अपनी संपति को ऑनलाइन करने का निर्देश दे दिया गया है। कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर जो अधिकारी अपनी संपति आनलाइन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ शासन को लिखा पढ़ी की जाएगी।
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