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थोड़ी सावधानी कर लू से करें बचाव
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:08 AM IST
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सोनभद्र। जिले में लगातार तापमान में बढ़त दर्ज की जा रही है। इससे आम जन एवं पशुओं पर हीट वेव, लू का खतरा बना है। थोड़ी सी सावधानी अपना कर काफी हद तक इस से बचाव किया जा सकता है। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण ने लू से बचाव के प्रति सभी को सतर्क किया है।
अपर जिलाधिकारी उमाकांत पति त्रिपाठी ने बताया कि लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, तरल पदार्थ जैसे छाछ, नींबू का पानी, आम का पाना का प्रयोग करें। यात्रा करते समय पानी साथ रखें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। अधिक प्रोटीन वाले तथा बासी खाद्य पदार्थ खाने से बचें। हल्के रंग के सूती एवं ढ़ीले कपड़े पहने एवं सर को ढकें एवं कड़ी धूप से बचें। विशेष तौर पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सूर्य के ताप से बचने के लिए बाहर न जाएं। कड़ी मेहनत से बचें। बच्चों एवं पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। जहां तक संभव हो घर में ही रहें और सूर्य के संपर्क से बचें। लू लगने के लक्षणों को पहचानें, यदि कमजोरी लगे, सिर दर्द हों, उल्टी महसूस हो, तेज पसीना और झटका जैसे महसूस हो, चक्कर आए तो तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करें। बीमार और गर्भवती महिला कामगारों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें।
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अपर जिलाधिकारी उमाकांत पति त्रिपाठी ने बताया कि लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, तरल पदार्थ जैसे छाछ, नींबू का पानी, आम का पाना का प्रयोग करें। यात्रा करते समय पानी साथ रखें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। अधिक प्रोटीन वाले तथा बासी खाद्य पदार्थ खाने से बचें। हल्के रंग के सूती एवं ढ़ीले कपड़े पहने एवं सर को ढकें एवं कड़ी धूप से बचें। विशेष तौर पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सूर्य के ताप से बचने के लिए बाहर न जाएं। कड़ी मेहनत से बचें। बच्चों एवं पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। जहां तक संभव हो घर में ही रहें और सूर्य के संपर्क से बचें। लू लगने के लक्षणों को पहचानें, यदि कमजोरी लगे, सिर दर्द हों, उल्टी महसूस हो, तेज पसीना और झटका जैसे महसूस हो, चक्कर आए तो तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करें। बीमार और गर्भवती महिला कामगारों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें।
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