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पहले डूबते को बचाने की कोशिश, फिर भागा ननिहाल
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:53 PM IST
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सोनभद्र (बभनी)। थाना क्षेत्र के भलपहरी गांव में बाउली में डूबने की आशंका में जिस अरविंद (12) की तलाश चल रही थी, वह रविवार की सुबह अपने घर सकुशल लौट आया। अपने ही खेत की बाउली में भाई और एक अन्य बालक को डूबते देख उसने पहले उन्हें बचाने की कोशिश की थी, लेकिन वह हार गया और फिर भयवश अपने ननिहाल भाग गया। रविवार को लौटकर उसने सारी कहानी परिवार वालों को बताई।
भलपहरी गांव में शनिवार की शाम मवेशियों को चराने के दौरान गर्जन नामक व्यक्ति के निजी बाउली में उसका बेटा अर्जुन (6) और पुरुषोत्तम का पुत्र मनमोहन (12) डूूब गये थे। गर्जन के दूसरे बेटे अरविंद ने अर्जुन व मनमोहन को डूबते देखा। वह उन्हें बचाने के चक्कर में बाउली में कूद गया। इसी बीच पुरूषोत्तम की बेटी भी वहां पहुंची तो उसे समझ में आया कि तीनों बच्चे डूूब रहे हैं। इस पर वह भागकर अपने घर वाकये की जानकारी देने चली गई। उधर अरविंद दोनों को बचाने की कोशिश किया लेकिन सफलता नहीं मिली तो वह करीब तीन किमी दूर अपनी नानी के घर मझौली भागकर चला गया। वहां भी उसने परिवार वालों को कोई जानकारी नहीं दी। इधर लोगों ने समझा कि तीनों बच्चे बाउली में डूब गए और उनकी तलाश शुरू कर दी गई। गांव वालों ने बाउली से दो बच्चों का शव तो निकाल लिया लेकिन तीसरा अरविंद का पता नहीं चला। इस पर उसकी गांव और अन्य जगहों पर तलाश होने लगी। जब रविवार की सुबह दोनों बच्चों के डूबने की खबर अरविंद के ननिहाल पहुंची तो वहां के लोग अरविंद को लेकर उसके घर गए। दूसरे बच्चे को देख परिवार वालों के साथ गांव के लोगों को भी संतुष्टि मिली। बाद में पुलिस ने दोनों मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया।
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भलपहरी गांव में शनिवार की शाम मवेशियों को चराने के दौरान गर्जन नामक व्यक्ति के निजी बाउली में उसका बेटा अर्जुन (6) और पुरुषोत्तम का पुत्र मनमोहन (12) डूूब गये थे। गर्जन के दूसरे बेटे अरविंद ने अर्जुन व मनमोहन को डूबते देखा। वह उन्हें बचाने के चक्कर में बाउली में कूद गया। इसी बीच पुरूषोत्तम की बेटी भी वहां पहुंची तो उसे समझ में आया कि तीनों बच्चे डूूब रहे हैं। इस पर वह भागकर अपने घर वाकये की जानकारी देने चली गई। उधर अरविंद दोनों को बचाने की कोशिश किया लेकिन सफलता नहीं मिली तो वह करीब तीन किमी दूर अपनी नानी के घर मझौली भागकर चला गया। वहां भी उसने परिवार वालों को कोई जानकारी नहीं दी। इधर लोगों ने समझा कि तीनों बच्चे बाउली में डूब गए और उनकी तलाश शुरू कर दी गई। गांव वालों ने बाउली से दो बच्चों का शव तो निकाल लिया लेकिन तीसरा अरविंद का पता नहीं चला। इस पर उसकी गांव और अन्य जगहों पर तलाश होने लगी। जब रविवार की सुबह दोनों बच्चों के डूबने की खबर अरविंद के ननिहाल पहुंची तो वहां के लोग अरविंद को लेकर उसके घर गए। दूसरे बच्चे को देख परिवार वालों के साथ गांव के लोगों को भी संतुष्टि मिली। बाद में पुलिस ने दोनों मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया।
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