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कनहर नदी में बाढ़ से सुरक्षा के अब तक नहीं हुए इंतजाम
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:35 PM IST
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दुद्धी।बहुउद्देश्यीय कनहर सिंचाई परियोजना अमवार डूब क्षेत्र के विस्थापितों में बरसात को लेकर भय का माहौल है। बरसात में कनहर नदी में आने वाले बाढ़ से निपटने के लिए सिंचाई विभाग व कार्यदायी संस्था की ओर से अब तक कोई इंतजाम नहीं किये गए हैं। लोगों का कहना हैं कि कनहर सिंचाई परियोजना की लापरवाही कहीं विस्थापितों की जान पर भारी न पड़ जाए।
गौरतलब है कि बरसात के बाद कनहर नदी में कभी भी बाढ़ आ सकती है। नदी में बाढ़ आने से सुगवामान, सुंदरी, भिसुर गांव सबसे अधिक प्रभावित होगा। क्योंकि बांध की ऊंचाई करीब 21 मीटर है। ऐसे में निर्माणाधीन कनहर बांध में पानी रुकने से कई गांव डूब सकते हैं। विस्थापितों का आरोप हैं कि शासन-प्रशासन की लापरवाही के चलते तीन वर्षों में कनहर विस्थापितों को विस्थापन पैकेज नहीं मिल सका हैं। इससे विस्थापित गांव को छोड़कर पुनर्वास कालोनी में अभी तक नहीं बस सके हैं। डूब गांव के लोग बिना विस्थापन पैकेज लिए गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में विस्थापितों को गांव से निकालना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। क्योंकि विस्थापित अपनी जिद्द पर अड़े हैं और शासन प्रशासन की तरफ से अभी तक बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं हुआ है। पीयूसीएल के ब्लाक अध्यक्ष जितेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि शासन-प्रशासन को गंभीरता से पुनर्वास पैकेज वितरण करके समय रहते कनहर विस्थापितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। बाढ़ से निपटने की पूरी व्यवस्था हो जिससे डूब क्षेत्र के लोगों को समय रहते बाढ़ से बचाया जा सके।
गौरतलब है कि बरसात के बाद कनहर नदी में कभी भी बाढ़ आ सकती है। नदी में बाढ़ आने से सुगवामान, सुंदरी, भिसुर गांव सबसे अधिक प्रभावित होगा। क्योंकि बांध की ऊंचाई करीब 21 मीटर है। ऐसे में निर्माणाधीन कनहर बांध में पानी रुकने से कई गांव डूब सकते हैं। विस्थापितों का आरोप हैं कि शासन-प्रशासन की लापरवाही के चलते तीन वर्षों में कनहर विस्थापितों को विस्थापन पैकेज नहीं मिल सका हैं। इससे विस्थापित गांव को छोड़कर पुनर्वास कालोनी में अभी तक नहीं बस सके हैं। डूब गांव के लोग बिना विस्थापन पैकेज लिए गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में विस्थापितों को गांव से निकालना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। क्योंकि विस्थापित अपनी जिद्द पर अड़े हैं और शासन प्रशासन की तरफ से अभी तक बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं हुआ है। पीयूसीएल के ब्लाक अध्यक्ष जितेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि शासन-प्रशासन को गंभीरता से पुनर्वास पैकेज वितरण करके समय रहते कनहर विस्थापितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। बाढ़ से निपटने की पूरी व्यवस्था हो जिससे डूब क्षेत्र के लोगों को समय रहते बाढ़ से बचाया जा सके।
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