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कोल परिवहन बंद होने से सम्बंधितों में मचा हड़कम्प
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अनपरा। एनजीटी की ओवर साइट कमेटी के निर्देश पर हरकत में आये उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सड़क मार्ग से कोल परिवहन पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए एनसीएल की सभी कोल परियोजनाओं से कोल परिवहन को बंद करा दिया। जिससे पूरे दिन हड़कम्प मचा रहा।
एनसीएल की ककरी, बीना, कृष्णशिला, खडिय़ा सहित मध्य प्रदेश की अमलोरी, झिगुरदह, दुद्धिचुआ आदि परियोजनाओं से कोल परिवहन पर रोक लगाते हुए जिला प्रशासन ने एनजीटी के 28 अगस्त 2018 को दिये गये निर्देशों के पालन करने के दिशा-निर्देश जारी किये है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की चारों कोल परियोजनाओं में जहां पूरी तरह सड़क मार्ग से कोल परिवहन ठप रहा वहीं मध्य प्रदेश में रेलवे साइडिंग को छोड़कर अन्य सभी मार्गों पर होने वाले कोल परिवहन को ठप कर दिया गया। विदित हो कि 07 जून को प्रयागराज सर्किट हाऊस में हुई ओवर साइट कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से कोल परिवहन पूरी तरह अवैध है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। ओवर साइट कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने स्टेटस ऑफ टूडे के आदेश के संदर्भ में दिये गये दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि एनजीटी के पूर्व में दिये गये आदेश का अनुपालन तत्काल प्रभाव में लाये जाये। सूत्रो की माने तो एनसीएल की खदानों से कोल परिहवन ठप होने से अधिकारियों में जहां हड़कम्प मच गया है वहीं अधिकारी सुप्रिम कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में जुट गये है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के जिलाधिकारी के साथ एनसीएल के उच्चाधिकारियों की बैठक शुक्रवार की सायं आयोजित की गई है। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जायेेगी। सड़क मार्ग से कोल परिवहन ठप होने से इसका असर विद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ेगा। एनसीएल की सभी परियोजनाओं से करीब 50 हजार टन प्रतिदिन कोल सड़क मार्ग से परिवहन किया जाता है। एमपी में कोयले की गाड़ी का परिवहन हुआ जबकि यूपी में पूरी तरह बंद रहा। शुक्रवार को परिवहन बंद होने से करीब करीब 20 से 25 हजार टन कोयला का परिवहन नहीं हो सका।
कोल परिवहन ठप, जनता की जीत
अनपरा। याचिकाकर्ता व पर्यावरणविद् अश्वनी कुमार दुबे ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से कराह रही ऊर्जांचल की जनता को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा। कहा कि देर से ही सही पर एनजीटी के आदेशों का जिला प्रशासन ने पालन सुनिश्चित कराया है। उन्होनें कहा कि सड़क मार्ग से हो रहे कोल परिवहन से प्रदूषण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आयेगी। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मिश्रा ने कहा कि सड़क मार्ग से कोल परिवहन बंद होने से जनता को काफी राहत मिली है।
एनसीएल की ककरी, बीना, कृष्णशिला, खडिय़ा सहित मध्य प्रदेश की अमलोरी, झिगुरदह, दुद्धिचुआ आदि परियोजनाओं से कोल परिवहन पर रोक लगाते हुए जिला प्रशासन ने एनजीटी के 28 अगस्त 2018 को दिये गये निर्देशों के पालन करने के दिशा-निर्देश जारी किये है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की चारों कोल परियोजनाओं में जहां पूरी तरह सड़क मार्ग से कोल परिवहन ठप रहा वहीं मध्य प्रदेश में रेलवे साइडिंग को छोड़कर अन्य सभी मार्गों पर होने वाले कोल परिवहन को ठप कर दिया गया। विदित हो कि 07 जून को प्रयागराज सर्किट हाऊस में हुई ओवर साइट कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से कोल परिवहन पूरी तरह अवैध है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। ओवर साइट कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने स्टेटस ऑफ टूडे के आदेश के संदर्भ में दिये गये दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि एनजीटी के पूर्व में दिये गये आदेश का अनुपालन तत्काल प्रभाव में लाये जाये। सूत्रो की माने तो एनसीएल की खदानों से कोल परिहवन ठप होने से अधिकारियों में जहां हड़कम्प मच गया है वहीं अधिकारी सुप्रिम कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में जुट गये है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के जिलाधिकारी के साथ एनसीएल के उच्चाधिकारियों की बैठक शुक्रवार की सायं आयोजित की गई है। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जायेेगी। सड़क मार्ग से कोल परिवहन ठप होने से इसका असर विद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ेगा। एनसीएल की सभी परियोजनाओं से करीब 50 हजार टन प्रतिदिन कोल सड़क मार्ग से परिवहन किया जाता है। एमपी में कोयले की गाड़ी का परिवहन हुआ जबकि यूपी में पूरी तरह बंद रहा। शुक्रवार को परिवहन बंद होने से करीब करीब 20 से 25 हजार टन कोयला का परिवहन नहीं हो सका।
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कोल परिवहन ठप, जनता की जीत
अनपरा। याचिकाकर्ता व पर्यावरणविद् अश्वनी कुमार दुबे ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से कराह रही ऊर्जांचल की जनता को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा। कहा कि देर से ही सही पर एनजीटी के आदेशों का जिला प्रशासन ने पालन सुनिश्चित कराया है। उन्होनें कहा कि सड़क मार्ग से हो रहे कोल परिवहन से प्रदूषण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आयेगी। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मिश्रा ने कहा कि सड़क मार्ग से कोल परिवहन बंद होने से जनता को काफी राहत मिली है।
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