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41.9 डिग्री तक पहुंचा पारा, तड़पते रहे लोग
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सोनभद्र। तेज धूप और उमस की मार लोगों को बेहाल किए हुए हैं। बृहस्पतिवार को अधिकतम पारा 41.9 और न्यूनतम 29.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ ही पुरबा हवाओं के चलते आसमान में रह-रहकर बादलों का डेरा बना हुआ है। इस कारण हो रही जबरदस्त उमस ने बेचैन करके रख दिया है। कूलर-पंखा बेमतलब साबित हो रहे हैं। पूरा दिन पसीने से तरबतर होकर गुजारना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक तीखी धूप भी जनजीवन प्रभावित किए हुए है।
मई माह से अब तक लगातार 40 डिग्री से उपर चल रहे पारे ने लोगों की हालत बीमारों वाली बनाकर रख दी है। पिछले तीन दिन से उमस की मार ने पंखे के साथ कूलर को भी बेकार कर दिया है। हालत यह है कि बाहर गर्म हवाओं के थपेड़े तो कमरे के अंदर उमस के चलते पल भर में बदन पसीने से तरबतर हो जा रहा है। शादी-ब्याह का सीजन होने के कारण लोगों को तपती धूप में सफर करना पड़ रहा है लेकिन महज आधे से एक घंटे का सफर उन्हें बीमार बना दे रहा है। घर के अंदर रह रहे लोग भी गर्मी और उमस के चलते परेशान है। दिन और रात दोनों तड़पते हुए गुजारनी पड़ रही है। भोर में जाकर कुछ राहत मिल रही है। इसके बाद सूर्योदय के साथ ही सूरज की तीखी किरणें फिर से बेहाल कर दे रहे हैं। चिकित्सक भी इस स्थिति को स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदेह बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस मौसम में पसीना खूब निकलता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए लगातार पानी पीते रहने की जरूरत है। उधर, मौसम वैज्ञानिक डा. राजन सिंह ने बताया कि पुरबा बयार के चलते बादलों की आवाजाही बनी हुई है। इस कारण भी उमस ज्यादा हो रही है।
मई माह से अब तक लगातार 40 डिग्री से उपर चल रहे पारे ने लोगों की हालत बीमारों वाली बनाकर रख दी है। पिछले तीन दिन से उमस की मार ने पंखे के साथ कूलर को भी बेकार कर दिया है। हालत यह है कि बाहर गर्म हवाओं के थपेड़े तो कमरे के अंदर उमस के चलते पल भर में बदन पसीने से तरबतर हो जा रहा है। शादी-ब्याह का सीजन होने के कारण लोगों को तपती धूप में सफर करना पड़ रहा है लेकिन महज आधे से एक घंटे का सफर उन्हें बीमार बना दे रहा है। घर के अंदर रह रहे लोग भी गर्मी और उमस के चलते परेशान है। दिन और रात दोनों तड़पते हुए गुजारनी पड़ रही है। भोर में जाकर कुछ राहत मिल रही है। इसके बाद सूर्योदय के साथ ही सूरज की तीखी किरणें फिर से बेहाल कर दे रहे हैं। चिकित्सक भी इस स्थिति को स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदेह बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस मौसम में पसीना खूब निकलता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए लगातार पानी पीते रहने की जरूरत है। उधर, मौसम वैज्ञानिक डा. राजन सिंह ने बताया कि पुरबा बयार के चलते बादलों की आवाजाही बनी हुई है। इस कारण भी उमस ज्यादा हो रही है।
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