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बाल विकास परियोजना दफ्तर में लटकता मिला ताला
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:04 AM IST
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज ब्लॉक के पुसौली गांव में स्थित बाल विकास परियोजना दफ्तर का मंगलवार को डीपीओ अजीत सिंह ने निरीक्षण करने पहुंचे तो ताला लटक रहा था। डीपीओ ने मोबाइल से बाल विकास परियोजला अधिकारी से कार्यालय न खुलने के बारे में पूछताछ की तो संतोष जनक जवाब नहीं मिला। डीपीओ ने परियोजना अधिकारी और प्रधान सहायक का वेतन रोक दिया है।
सुबह साढ़े नौ बजे जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना दफ्तर पहुंचे तो वहां ताला लटक रहा था। क्षेत्रीय मुख्य सेविका बगल में स्थित एक दुकान पर बैठी थी। जबकि सुबह नौ बजे तक कार्यालय खुल जाना चाहिए। डीपीओ ने मोबाइल से बाल विकास परियोजना अधिकारी से दफ्तर न खुलने के बारे में वार्ता की तो उसने बताया कि मैं अभी घर पर हूं। प्रधान सहायक को फोन कर रहा हूं, लेकिन उनका उठ नहीं रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने कहा छकि नौ जुलाई को भी बाल विकास कार्यालय साढ़े नौ बजे के बाद खुला था। यह अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी और प्रधान सहायक रामलखन का मंगलवार का वेतन रोक दिया गया है। प्रधान सहायक के कार्य की परिनिन्दा करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रवृष्टि प्रदान की गई है। कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी को तीन दिनों के भीतर परियोजना पर प्राप्त समस्त पोषाहार वितरण कराने का निर्देश दिया गया है।
सुबह साढ़े नौ बजे जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना दफ्तर पहुंचे तो वहां ताला लटक रहा था। क्षेत्रीय मुख्य सेविका बगल में स्थित एक दुकान पर बैठी थी। जबकि सुबह नौ बजे तक कार्यालय खुल जाना चाहिए। डीपीओ ने मोबाइल से बाल विकास परियोजना अधिकारी से दफ्तर न खुलने के बारे में वार्ता की तो उसने बताया कि मैं अभी घर पर हूं। प्रधान सहायक को फोन कर रहा हूं, लेकिन उनका उठ नहीं रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने कहा छकि नौ जुलाई को भी बाल विकास कार्यालय साढ़े नौ बजे के बाद खुला था। यह अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी और प्रधान सहायक रामलखन का मंगलवार का वेतन रोक दिया गया है। प्रधान सहायक के कार्य की परिनिन्दा करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रवृष्टि प्रदान की गई है। कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी को तीन दिनों के भीतर परियोजना पर प्राप्त समस्त पोषाहार वितरण कराने का निर्देश दिया गया है।
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