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कागज में छोड़ दिया 1310 क्यूसेक अधिक पानी
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नगवां बांध से निकली कर्मनाशा कट नहर में दो दिन कागज पर ही 1310 क्यूसेक पानी छोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। ऑनलाइन फीडिंग में नहर छह अगस्त तक संचालित की गई है जबकि नहर का संचालन चार अगस्त को ही बंद कर दिया गया था। हालांकि विभागीय अधिकारी ऑनलाइन फीडिंग के दौरान त्रुटि होने की बात कह कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
सिंचाई विभाग की तरफ से किसानों की मांग को देखते हुए धान की रोपाई करने के पिछले दिनों नगवां बांध से कर्मनाशा कट नहर में पानी छोड़ा गया। शुरूआत में नहर में करीब 567 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो बाद में बढ़ाकर 715 क्यूसेक कर दिया गया। क्षेत्र के किसानों की मानें तो चार अगस्त को नगवां बांध से कर्मनाशा कट नहर में पानी छोड़ना बंद हो गया लेकिन सिंचाई विभाग के पोर्टल पर छह अगस्त तक कर्मनाशा कट नहर में पानी छोड़ा जाना दर्शाया गया है। पांच और छह अगस्त को 655-655 क्यूकेस पानी छोड़ा जाना दर्शाया गया है। इस तरह से दो दिन में 1310 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी पोर्टल के माध्यम से दी जा रही है लेकिन हकीकत यह है कि चार अगस्त को ही नहर बंद कर दी गई थी। विभागीय पोर्टल पर गलत जानकारी दिए जाने की सूचना किसानों को लगने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा है। कन्हैया लाल, गोपाल मिश्र, गुड्डू पांडेय, शिवम तिवारी आदि किसानों का कहना है कि जब दो दिन नहर चली ही नहीं तो किस तरह विभाग पोर्टल पर पानी छोड़े जाने की जानकारी दे रहा है। मामले की जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने ऑनलाइन फीडिंग के दौरान गलती होने की बात स्वीकार की है। उनका कहना है कि इसकी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।
कर्मनाशा कट नहर चार अगस्त को ही बंद हो गई थी। ऑनलाइन गलती से पांच एवं छह अगस्त को नहर संचालित होना दर्शा दिया गया है। यह गलती ऑनलाइन फीडिंग के दौरान हुई है। इसके बाद शून्य कर दिया गया है। गलत फीडिंग होने के बारें में अधिकारियों को जानकारी है। - राजीव कुमार, सहायक अभियंता, एमसीडी मिर्जापुर।
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सिंचाई विभाग की तरफ से किसानों की मांग को देखते हुए धान की रोपाई करने के पिछले दिनों नगवां बांध से कर्मनाशा कट नहर में पानी छोड़ा गया। शुरूआत में नहर में करीब 567 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो बाद में बढ़ाकर 715 क्यूसेक कर दिया गया। क्षेत्र के किसानों की मानें तो चार अगस्त को नगवां बांध से कर्मनाशा कट नहर में पानी छोड़ना बंद हो गया लेकिन सिंचाई विभाग के पोर्टल पर छह अगस्त तक कर्मनाशा कट नहर में पानी छोड़ा जाना दर्शाया गया है। पांच और छह अगस्त को 655-655 क्यूकेस पानी छोड़ा जाना दर्शाया गया है। इस तरह से दो दिन में 1310 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी पोर्टल के माध्यम से दी जा रही है लेकिन हकीकत यह है कि चार अगस्त को ही नहर बंद कर दी गई थी। विभागीय पोर्टल पर गलत जानकारी दिए जाने की सूचना किसानों को लगने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा है। कन्हैया लाल, गोपाल मिश्र, गुड्डू पांडेय, शिवम तिवारी आदि किसानों का कहना है कि जब दो दिन नहर चली ही नहीं तो किस तरह विभाग पोर्टल पर पानी छोड़े जाने की जानकारी दे रहा है। मामले की जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने ऑनलाइन फीडिंग के दौरान गलती होने की बात स्वीकार की है। उनका कहना है कि इसकी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।
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कर्मनाशा कट नहर चार अगस्त को ही बंद हो गई थी। ऑनलाइन गलती से पांच एवं छह अगस्त को नहर संचालित होना दर्शा दिया गया है। यह गलती ऑनलाइन फीडिंग के दौरान हुई है। इसके बाद शून्य कर दिया गया है। गलत फीडिंग होने के बारें में अधिकारियों को जानकारी है। - राजीव कुमार, सहायक अभियंता, एमसीडी मिर्जापुर।
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