{"_id":"5b254a134f1c1b214d8b6ba3","slug":"121529170451-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साथी से मारपीट से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने कामकाज किया ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साथी से मारपीट से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने कामकाज किया ठप
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिला अस्पताल में गर्भवती खुशबु की मौत को लेकर हुए विवाद के बाद स्वास्थ्य कर्मी से मारपीट की घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने हड़ताल किया। अस्पताल में ओपीडी बंद कर चार घंटे तक कामकाज ठप रहा। करीब दोपहर एक बजे एसडीएम शादाब असलम और सीओ विवेकानंद तिवारी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर हड़ताल समाप्त कराया।
सुबह करीब 10:30 बजे आपातकालीन कक्ष में खुशबु के ससुराल और मायके पक्ष के परिजन डॉक्टर पर जिंदा महिला को मृत घोषित कर पुलिस को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, फार्मासिस्ट से उलझ गए। फार्मासिस्ट अजय सिंह के साथ हाथापाई कर उनकी टीशर्ट फाड़ दी। हंगामे की जानकारी मिलने पर अन्य डॉक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर सीएमएस के पास पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि जब तक साथियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ तब तक कामकाज ठप ही रहेगा। उधर, स्वास्थ्य कर्मियों के काम न करने से रोगी परेशान हो गए। कोन क्षेत्र के ससनई गांव निवासी पंकज बुखार से पीड़ित अपने आठ वर्षीय बेटे पवन, राबर्ट्र्सगंज निवासी रश्मि समेत कई मरीज निजी अस्पताल में जाने लगे। आमडीह निवासी सीमा, म्योरपुर निवासी दीपिका आदि भी डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने सीएमएस को मुकदमा दर्ज करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने का आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराया। इस दौरान डॉ. के कुमार, डॉ. प्रमोद प्रजापति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, फार्मासिस्ट परशुराम पांडेय, अमरावती, जेबाल, अमरावती आदि रहे।
विज्ञापन
सुबह करीब 10:30 बजे आपातकालीन कक्ष में खुशबु के ससुराल और मायके पक्ष के परिजन डॉक्टर पर जिंदा महिला को मृत घोषित कर पुलिस को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, फार्मासिस्ट से उलझ गए। फार्मासिस्ट अजय सिंह के साथ हाथापाई कर उनकी टीशर्ट फाड़ दी। हंगामे की जानकारी मिलने पर अन्य डॉक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर सीएमएस के पास पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि जब तक साथियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ तब तक कामकाज ठप ही रहेगा। उधर, स्वास्थ्य कर्मियों के काम न करने से रोगी परेशान हो गए। कोन क्षेत्र के ससनई गांव निवासी पंकज बुखार से पीड़ित अपने आठ वर्षीय बेटे पवन, राबर्ट्र्सगंज निवासी रश्मि समेत कई मरीज निजी अस्पताल में जाने लगे। आमडीह निवासी सीमा, म्योरपुर निवासी दीपिका आदि भी डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने सीएमएस को मुकदमा दर्ज करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने का आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराया। इस दौरान डॉ. के कुमार, डॉ. प्रमोद प्रजापति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, फार्मासिस्ट परशुराम पांडेय, अमरावती, जेबाल, अमरावती आदि रहे।
विज्ञापन