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नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का दक्षिणांचल से रहा है नाता
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:47 PM IST
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सोनभद्र (म्योरपुर)। देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जनपद के आदिवासी बाहुल्य दक्षिणांचल से पुराना नाता रहा है। राष्ट्रपति बनने से पूर्व उनका यहां अक्सर आना जाना रहा। अखिल भारतीय बनवासी कल्याण आश्रम से संचालित सेवा समर्पण संस्थान कारीडांड में वह अक्सर आदिवासी बच्चों के बीच रहा करते थे। उनके राष्ट्रपति बनने से क्षेत्र के आदिवासियों में खुशी है।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वर्ष 2001 में राज्यसभा सदस्य रहते कारीडाड़ आए थे और अपनी निधि से छात्रावास भवन के लिए धन दिया था। आखिरी बार वे यहां सात अप्रैल 2014 को आए थे। इसके बाद वे राज्यपाल बनाए गए। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण से संचालित इस आश्रम में आदिवासी बच्चों को छात्रावास के साथ पठन पाठन की सुविधा दी गई है। यहां के पढ़े-लिखे बच्चे प्रशासनिक सेवाओं के साथ प्राइवेट और सरकारी नौकरियों कर रहे हैं। यही नहीं यहां तीरंदाजी का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। लोगों के सहयोग से संचालित इस आश्रम की देखरेख कल्याण आश्रम के प्रदेश संगठन मंत्री आनंद करते हैं। रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर यहां के बच्चों में भी खासा उत्साह है। उन्होंने कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर खुशी जताई। बनवासी कल्याण आश्रम के संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि निश्चय ही यह कोविद जी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वह गाहे-बगाहे यहां आया करते थे और बच्चों के बीच अपना समय बिताते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आदिवासियों के बीच विशेष रुचि भी है। अखिल भारतीय बनवासी कल्याण आश्रम के विभाग संगठन मंत्री श्रवण ने भी रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी।
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नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वर्ष 2001 में राज्यसभा सदस्य रहते कारीडाड़ आए थे और अपनी निधि से छात्रावास भवन के लिए धन दिया था। आखिरी बार वे यहां सात अप्रैल 2014 को आए थे। इसके बाद वे राज्यपाल बनाए गए। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण से संचालित इस आश्रम में आदिवासी बच्चों को छात्रावास के साथ पठन पाठन की सुविधा दी गई है। यहां के पढ़े-लिखे बच्चे प्रशासनिक सेवाओं के साथ प्राइवेट और सरकारी नौकरियों कर रहे हैं। यही नहीं यहां तीरंदाजी का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। लोगों के सहयोग से संचालित इस आश्रम की देखरेख कल्याण आश्रम के प्रदेश संगठन मंत्री आनंद करते हैं। रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर यहां के बच्चों में भी खासा उत्साह है। उन्होंने कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर खुशी जताई। बनवासी कल्याण आश्रम के संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि निश्चय ही यह कोविद जी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वह गाहे-बगाहे यहां आया करते थे और बच्चों के बीच अपना समय बिताते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आदिवासियों के बीच विशेष रुचि भी है। अखिल भारतीय बनवासी कल्याण आश्रम के विभाग संगठन मंत्री श्रवण ने भी रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी।
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