{"_id":"59e644714f1c1b78548b7d57","slug":"11508263025-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीकी खराबी से फिर बंद हुई सांतवीं इकाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तकनीकी खराबी से फिर बंद हुई सांतवीं इकाई
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र (अनपरा) । करीब डेढ़ माह से बंद चल रही पांच सौ मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई एक दिन बाद मंगलवार को फिर तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई। इस बार भी बड़ी खामियां आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी के साथ दीपावली पर विद्युत किल्लत ने इंजीनियरों की नींद उड़ गई है।
अनपरा तापीय परियोजना की सातवीं इकाई को काफी मशक्कत के बाद दीपावली से पहले सोमवार को ही उत्पादन पर लिया गया था। इससे उत्पादन निगम ने राहत की सांस ली थी लेकिन यह इकाई एक दिन भी नहीं चल सकी और मंगलवार की दोपहर बाद तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। इस इकाई के ट्रिप होने से परियोजना प्रशासन की नींद उड़ गई है। हालांकि देर शाम तक इस इकाई को उत्पादन पर लेने की कवायद की जा रही थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस बार भी कुछ लोगों की लापरवाही से परियोजना के बंद होने की बात कही जा रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पांच सौ मेगावाट की इकाई के बंद होने से विद्युत किल्लत का सामना लोगों को करना पड़ सकता है। इसकी मुख्य वजह दीपावली पर्व होने के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
अनपरा तापीय परियोजना की सातवीं इकाई को काफी मशक्कत के बाद दीपावली से पहले सोमवार को ही उत्पादन पर लिया गया था। इससे उत्पादन निगम ने राहत की सांस ली थी लेकिन यह इकाई एक दिन भी नहीं चल सकी और मंगलवार की दोपहर बाद तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। इस इकाई के ट्रिप होने से परियोजना प्रशासन की नींद उड़ गई है। हालांकि देर शाम तक इस इकाई को उत्पादन पर लेने की कवायद की जा रही थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस बार भी कुछ लोगों की लापरवाही से परियोजना के बंद होने की बात कही जा रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पांच सौ मेगावाट की इकाई के बंद होने से विद्युत किल्लत का सामना लोगों को करना पड़ सकता है। इसकी मुख्य वजह दीपावली पर्व होने के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन