{"_id":"5995d9304f1c1ba0078b45cb","slug":"111502992688-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर शुरू किया बेमियादी धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर शुरू किया बेमियादी धरना
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। सहायक अध्यापक पद पर बहाली की मांग को लेकर शिक्षामित्र एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। आश्वासन के बावजूद मांग पूरी न होने पर भड़के शिक्षामित्रों ने गुरुवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर बेमियादी धरने पर बैठ गए। फिर पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम को सौंपा। उनके कार्य बहिष्कार से दर्जनों विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो गया है। बभनी ब्लॉक के 13 विद्यालयों पर ताले लटके रहे।
शिक्षामित्र गुरुवार को कार्य बहिष्कार कर बीएसए कार्यालय पर पहुंचे। यहां उन्होंने बेमियादी धरना शुरू किया। आश्वासन के बावजूद मांग पूरी न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। वे अध्यादेश लाकर शिक्षक का सम्मान वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वकील अहमद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से 15 दिन का समय मांगा था और आश्वस्त किया था कि उनके हक में उचित फैसला होगा लेकिन सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। कहा कि हमारी मांग अध्यादेश लाकर शिक्षक के सम्मान वापस मिलने तक व तब तक समान कार्य का समान वेतन देने तक प्रदर्शन चलता रहेगा। बीएसए कार्यालय पर 19 तक व 21 अगस्त से लखनऊ मे प्रदेश भर के 1.72 लाख शिक्षामित्र करो या मरो आंदोलन चलाएंगे। गुरुवार को प्रदर्शन में अफजल अहमद, अशोक श्रीवास्तव, बीना मिश्रा, रजवती, सरिता मौर्य, मुरारेनाथ कुशवाहा, दिलीप त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, जूनियर शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष शशिभूषण त्रिपाठी, विनोद कुमार मौर्य, प्रेम बहादुर यादव, अरविंद सिंह मौजूद रहे। उधर बभनी प्रतिनिधि के अनुसार शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से बभनी ब्लॉक के दो दर्जन विद्यालयों पर ताले लग गये। शिक्षामित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष रविंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि सरकार अपने वादों पर खरी नही उतरी। शिक्षामित्र मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उधर ब्लाक सह समन्वयक जगरनाथ ने बताया कि शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से बभनी के 23 विद्यालय बंद हैं।
विज्ञापन
शिक्षामित्र गुरुवार को कार्य बहिष्कार कर बीएसए कार्यालय पर पहुंचे। यहां उन्होंने बेमियादी धरना शुरू किया। आश्वासन के बावजूद मांग पूरी न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। वे अध्यादेश लाकर शिक्षक का सम्मान वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वकील अहमद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से 15 दिन का समय मांगा था और आश्वस्त किया था कि उनके हक में उचित फैसला होगा लेकिन सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। कहा कि हमारी मांग अध्यादेश लाकर शिक्षक के सम्मान वापस मिलने तक व तब तक समान कार्य का समान वेतन देने तक प्रदर्शन चलता रहेगा। बीएसए कार्यालय पर 19 तक व 21 अगस्त से लखनऊ मे प्रदेश भर के 1.72 लाख शिक्षामित्र करो या मरो आंदोलन चलाएंगे। गुरुवार को प्रदर्शन में अफजल अहमद, अशोक श्रीवास्तव, बीना मिश्रा, रजवती, सरिता मौर्य, मुरारेनाथ कुशवाहा, दिलीप त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, जूनियर शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष शशिभूषण त्रिपाठी, विनोद कुमार मौर्य, प्रेम बहादुर यादव, अरविंद सिंह मौजूद रहे। उधर बभनी प्रतिनिधि के अनुसार शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से बभनी ब्लॉक के दो दर्जन विद्यालयों पर ताले लग गये। शिक्षामित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष रविंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि सरकार अपने वादों पर खरी नही उतरी। शिक्षामित्र मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उधर ब्लाक सह समन्वयक जगरनाथ ने बताया कि शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से बभनी के 23 विद्यालय बंद हैं।
विज्ञापन