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युवाओं के सामने चुनौतियां व आधुनिक तकनीकी पर चर्चा
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म्योरपुर। कल जिससे मिली पहचान, आज उसी की बनेंगे आवाज स्लोगन पर आधारित दो दिवसीय विद्यार्थी मिलन समारोह के दूसरे दिन विभिन्न आयामों पर चर्चा के साथ सोमवार को समापन हो गया। सभी ने अपने अनुभव साझा किए। आश्रम के कार्यों में रुचि के साथ जुड़ने की बात कही।
दो दिवसीय विद्यार्थी मिलन समारोह के दूसरे दिन सोमवार को प्रतिभागियों ने मुख्य द्वार पर दीप प्रज्ज्वलन कर यवतमाल महाराष्ट्र के समाज चिंतक आश्रम के पूर्व गुरुजी दिनकर चौधरी की अध्यक्षता में कार्यक्रम शुरू हुआ। युवाओं के सामने चुनौतियां व आधुनिक तकनीकी के प्रति दृष्टिकोण विषय पर पूर्व आश्रम विद्यार्थी व वर्तमान में सह समन्वयक ब्लाक संसाधन केंद्र दुद्धी नीरज कन्नौजिया ने चर्चा किया। प्रयागराज से विभूति विक्रम ने कहा कि समाज को दिशा देने के लिए बनवासी सेवा आश्रम जैसा संस्थान का रहना अति आवश्यक है। सर्वोदयी विचारक अरविंद अंजुम ने कहा कि विकास की सही दृष्टिकोण हमें तय करनी चाहिए। समापन पर गुरुजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संतोष कन्नौजिया, देवेंद्र कुमार, देवराज, कमल, जगजीवन राम, पूनम गुप्ता, संदीप सिंह, सीताराम, अनु, शुभा, गल्लर भास्कर, विगन, राजेश्वर आदि मौजूद रहे। समारोह का संचालन शिवशरण सिंह व देवनाथ भाई ने किया।
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दो दिवसीय विद्यार्थी मिलन समारोह के दूसरे दिन सोमवार को प्रतिभागियों ने मुख्य द्वार पर दीप प्रज्ज्वलन कर यवतमाल महाराष्ट्र के समाज चिंतक आश्रम के पूर्व गुरुजी दिनकर चौधरी की अध्यक्षता में कार्यक्रम शुरू हुआ। युवाओं के सामने चुनौतियां व आधुनिक तकनीकी के प्रति दृष्टिकोण विषय पर पूर्व आश्रम विद्यार्थी व वर्तमान में सह समन्वयक ब्लाक संसाधन केंद्र दुद्धी नीरज कन्नौजिया ने चर्चा किया। प्रयागराज से विभूति विक्रम ने कहा कि समाज को दिशा देने के लिए बनवासी सेवा आश्रम जैसा संस्थान का रहना अति आवश्यक है। सर्वोदयी विचारक अरविंद अंजुम ने कहा कि विकास की सही दृष्टिकोण हमें तय करनी चाहिए। समापन पर गुरुजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संतोष कन्नौजिया, देवेंद्र कुमार, देवराज, कमल, जगजीवन राम, पूनम गुप्ता, संदीप सिंह, सीताराम, अनु, शुभा, गल्लर भास्कर, विगन, राजेश्वर आदि मौजूद रहे। समारोह का संचालन शिवशरण सिंह व देवनाथ भाई ने किया।
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