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शौचालय के लिए गड्ढा खोदवाया, नहीं दे रहे धन
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:36 PM IST
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चोपन। ब्लॉक के कोटा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने मंगलवार को ब्लॉक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यहां प्रधान और सचिव के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों पर शौचालय का धन न देने और हैंडपंप के री-बोर के नाम पर लाखों रुपये निकालने का आरोप लगाया। बीडीसी मेंबर राजेंद्र कुमार के अगुवाई में ग्रामीणों ने बीडीओ को पत्र देकर जांच की मांग की।
कुछ माह पूर्व डीएम अमित कुमार सिंह ने कोटा ग्राम पंचायत के अम्मा टोला में 1001 लोगों को शौचालय बनवाने के लिए स्वीकृति पत्र दिया था। फिर ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए गड्ढा भी खोद दिया। अब उस गड्ढे में गिरकर बच्चे घायल हो रहे हैं। उनमें जमा पानी में मच्छर पैदा हो रहे जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। अब ग्रामीणों को शौचालय बनवाने के लिए धन नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटा ग्राम के दलित बस्ती में एक भी घर को शौचालय से आच्छादित नही किया गया। स्वच्छता के नाम पर शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। जिससे शासन एवं प्रशासन के दायित्व को जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी पूणरस करने मे लापरवाह दिख रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रधान सेक्रेटरी पर हैंडपंप के रीबोर के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। इस मौके पर सुरेश कुमार, अनिल कुमार पनिका, रामजग, रामचंद्र, राजेश कुमार, मिथिलेश भारद्वाज, कामेश्वर प्रजापति, मनोज कुमार, मीना देवी, कमला देवी, संतोष राम, नसीमा खातून, उमा देवी, अनीता देवी, गीता देवी, तेतरी, अनीता, वीरेंद्र, लक्ष्मी, सुनीता, शिव देवी, राजेंद्र प्रसा,द, निर्मला, गुलशन, लाल बहादुर, अंजली देवी मौजूद रहीं।
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कुछ माह पूर्व डीएम अमित कुमार सिंह ने कोटा ग्राम पंचायत के अम्मा टोला में 1001 लोगों को शौचालय बनवाने के लिए स्वीकृति पत्र दिया था। फिर ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए गड्ढा भी खोद दिया। अब उस गड्ढे में गिरकर बच्चे घायल हो रहे हैं। उनमें जमा पानी में मच्छर पैदा हो रहे जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। अब ग्रामीणों को शौचालय बनवाने के लिए धन नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटा ग्राम के दलित बस्ती में एक भी घर को शौचालय से आच्छादित नही किया गया। स्वच्छता के नाम पर शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। जिससे शासन एवं प्रशासन के दायित्व को जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी पूणरस करने मे लापरवाह दिख रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रधान सेक्रेटरी पर हैंडपंप के रीबोर के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। इस मौके पर सुरेश कुमार, अनिल कुमार पनिका, रामजग, रामचंद्र, राजेश कुमार, मिथिलेश भारद्वाज, कामेश्वर प्रजापति, मनोज कुमार, मीना देवी, कमला देवी, संतोष राम, नसीमा खातून, उमा देवी, अनीता देवी, गीता देवी, तेतरी, अनीता, वीरेंद्र, लक्ष्मी, सुनीता, शिव देवी, राजेंद्र प्रसा,द, निर्मला, गुलशन, लाल बहादुर, अंजली देवी मौजूद रहीं।
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