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Sonebhadra News: प्लाॅटिंग के लिए जमीन दिखाकर ऐंठ लिए 10 लाख, एफआईआर के आदेश
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सोनभद्र। प्लाॅटिंग के लिए जमीन दिखाकर सेवानिवृत्त कर्मी से 10 लाख रुपये ठग लिए गए। मामला पिपरी थाना क्षेत्र के मुर्धवा का है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रभारी निरीक्षक पिपरी को प्राथमिकी दर्ज कर सीओ से विवेचना कराने का आदेश दिया।
पिपरी थाना क्षेत्र के तुर्रा निवासी रामबदन राम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर अवगत कराया था कि वह अपनी सेवानिवृत्ति राशि से जमीन खरीद कर मकान बनाना चाहता था।
इसी सिलसिले में वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात पिपरी थाना क्षेत्र के रहने वाले राहुल मौर्या से हुई। उसने रेणुकूट से सटे मुर्धवा गांव में अपनी जमीन पर प्लाॅटिंग की बात करते हुए 25 लाख में एक विस्वा जमीन देने पर सहमत हुआ।
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19 दिसंबर 2020 को उसने आरोपी के खाते में दस लाख रुपये भेज दिया। आरोप है कि बाद में उसने जमीन देने से मना कर दिया। रकम भी हड़प ली। थाने में शिकायत करने पर घर में घुसकर पिटाई, जान से मारने की धमकी दी गई।
न्यायालय ने इस मामले में पिपरी थाने से आख्या तलब की थी। भेजी गई रिपोर्ट में पुलिस ने घटना को झूठा ठहराया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना कि प्रकरण गंभीर प्रकृति का है। प्रभारी निरीक्षक को आदेशित किया कि मुकदमा दर्ज करते हुए संबंधित सीओ से मामले की विवेचना कराई जाए। संवाद
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पिपरी थाना क्षेत्र के तुर्रा निवासी रामबदन राम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर अवगत कराया था कि वह अपनी सेवानिवृत्ति राशि से जमीन खरीद कर मकान बनाना चाहता था।
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इसी सिलसिले में वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात पिपरी थाना क्षेत्र के रहने वाले राहुल मौर्या से हुई। उसने रेणुकूट से सटे मुर्धवा गांव में अपनी जमीन पर प्लाॅटिंग की बात करते हुए 25 लाख में एक विस्वा जमीन देने पर सहमत हुआ।
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19 दिसंबर 2020 को उसने आरोपी के खाते में दस लाख रुपये भेज दिया। आरोप है कि बाद में उसने जमीन देने से मना कर दिया। रकम भी हड़प ली। थाने में शिकायत करने पर घर में घुसकर पिटाई, जान से मारने की धमकी दी गई।
न्यायालय ने इस मामले में पिपरी थाने से आख्या तलब की थी। भेजी गई रिपोर्ट में पुलिस ने घटना को झूठा ठहराया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना कि प्रकरण गंभीर प्रकृति का है। प्रभारी निरीक्षक को आदेशित किया कि मुकदमा दर्ज करते हुए संबंधित सीओ से मामले की विवेचना कराई जाए। संवाद