{"_id":"58bafdbc4f1c1b1c5e830787","slug":"worker-died-due-to-fell-in-borewell","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोरवेल में मिट्टी धंसने से मजदूर की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोरवेल में मिट्टी धंसने से मजदूर की मौत
Amar ujala Bureau
Updated Sat, 04 Mar 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैमिषारण्य तीर्थ स्थल से सटे लक्ष्मणनगर गांव के पास एक खेत में बोरिंग के गड्ढे की मिट्टी धंसने से एक मजदूर दब गया। दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर की मदद से 25 फीट गहरे गड्ढे की मिट्टी हटाकर मजदूर को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
संदना इलाके के भिखनापुर रामगढ़ निवासी शंकर (30) मिश्रिख कोतवाली इलाके मेें लक्ष्मणनगर गांव के पास एक झाले पर काम करता था। वह मुख्तार सिंह के झाले पर मजदूरी करता था।
इसी सिलसिले में शनिवार को वह मुख्तार के झाले से कुछ दूरी पर स्थित खेत में काम करने गया था। जहां वह पुराने बोरिंग के गड्ढे में उतर कर मिट्टी साफ कर रहा था। इसी दौरान अचानक बोरिंग की मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया।
विज्ञापन
जिससे वह करीब 25 फीट की गहराई में दब गया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े। कोतवाल रघुवीर सिंह फोर्स व एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों ने मिट्टी में दबे शंकर को निकालने का प्रयास शुरू कर किया।
इसके लिए दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर व दर्जनों ग्रामीणों को लगाया गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद शंकर को मिट्टी खोद कर बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना तहसील प्रशासन को भी दी गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
संदना इलाके के भिखनापुर रामगढ़ निवासी शंकर (30) मिश्रिख कोतवाली इलाके मेें लक्ष्मणनगर गांव के पास एक झाले पर काम करता था। वह मुख्तार सिंह के झाले पर मजदूरी करता था।
विज्ञापन
इसी सिलसिले में शनिवार को वह मुख्तार के झाले से कुछ दूरी पर स्थित खेत में काम करने गया था। जहां वह पुराने बोरिंग के गड्ढे में उतर कर मिट्टी साफ कर रहा था। इसी दौरान अचानक बोरिंग की मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया।
विज्ञापन
जिससे वह करीब 25 फीट की गहराई में दब गया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े। कोतवाल रघुवीर सिंह फोर्स व एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों ने मिट्टी में दबे शंकर को निकालने का प्रयास शुरू कर किया।
इसके लिए दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर व दर्जनों ग्रामीणों को लगाया गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद शंकर को मिट्टी खोद कर बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना तहसील प्रशासन को भी दी गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई कार्रवाई की जाएगी।