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Sitapur News: समूह की महिलाएं कर रहीं मोटे अनाज की खेती

Sat, 06 Sep 2025 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sat, 06 Sep 2025 11:52 PM IST
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Women of the group are cultivating coarse grains
सीतापुर। महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की ओर से मोटे अनाज की खेती की जा रही है। इससे जिले में मोटे अनाज का क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। संबंधित महिलाएं इसकी खेती करने के साथ अन्य महिलाओं को जागरूक भी कर रहीं हैं। वह मोटे अनाज की खेती गो आधारित जैविक विधि से कर रही हैं। इससे लोगों को विष मुक्त अनाज उपलब्ध होगा और मिट्टी की सेहत भी अच्छी रहेगी।
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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से ग्राम पंचायतों में महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। समूह की सदस्यों को कृषि आजीविका सखी की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी ओर से खेती संबंधी कार्य करने के साथ ही चयनित किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। यह मोटे अनाज की खेती भी कर रही हैं। नारी सशक्तीकरण महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य किरन देवी और सीता देवी की ओर से मोटे अनाज की खेती शुरू की गई है। किरन देवी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र कटिया से प्रशिक्षण लिया है।
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प्रशिक्षण में बताया गया कि मोटे अनाज को कम लागत में पैदा किया जा सकता है। मोटे अनाज की डिमांड विदेशों में भी है। जैनब महिला स्वयं सहायता समूह की सचिव नीलम शुक्ला भी मोटे अनाज की खेती कर रही हैं। वह समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए जिला प्रशासन की ओर से संचालित नैमिष की नारी शोरूम का संचालन भी करती हैं। इसके माध्यम से मोटे अनाज के उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
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बढ़ेगा मोटे अनाज का क्षेत्रफल
प्रगतिशील किसान व हुनरमंद एफपीओ के संचालक राजीव भार्गव ने बताया कि समूह की महिलाओं और कृषि सखियों की ओर से मोटे अनाज की खेती शुरू करने से जिले में इसका क्षेत्रफल बढ़ेगा। यह लोगों की सेहत के लिए फायदेमंद तो है ही, साथ ही रासायनिक खादों से मिट्टी की बिगड़ती सेहत में भी सुधार होगा। समूह की सदस्य शशीबाला, वंदना देवी, आरती देवी ने बताया कि वह मोटे अनाज की खेती गो आधारित प्राकृतिक विधि से कर रही हैं। इससे लोगों की सेहत के संग मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी बनाए रखने में मदद मिलेगी। संबंधित महिलाओं का मार्गदर्शन केवीके कटिया के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. दयाशंकर श्रीवास्तव करते हैं।
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