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कटान तेज होने के साथ बढ़ीं धड़कनें
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बिसवां तहसील क्षेत्र के दुर्गापुरवा में कटान करती शारदा नदी। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर कम हो रहा है लेकिन कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। जटपुरवा व श्रीरामपुरवा के बीच करीब 40 बीघा परती जमीन नदी में समा गई। दुर्गापुरवा व पासिनपुरवा गांव में कटान शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण कटान को लेकर भयभीत है।
बिसवां तहसील के श्रीरामपुरवा, धुतपुरवा, दुर्गापुरवा, पासिनपुरवा आदि गांवों के समीप नदी बह रही है। गांव से महज 10 मीटर की दूरी पर नदी का पानी स्थिर बना हुआ है लेकिन कटान शुरू हो गई है। इसकी वजह से ग्रामीण दहशत में हैं। वह कटान पर बराबर नजर बनाए ंहै। ग्रामीणों ने पलायन करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जटपुरवा व श्रीरामपुरवा के बीच नदी ने करीब 40 बीघा परती जमीन काट दी है। लालू, कन्हई, बृजलाल, हामिद, पप्पू, अजिज व पूर्व विधायक की जमीन कटान में समा गई है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह का कहना है कि नदियों का जलस्तर स्थिर है। कटान हो रही है। इा पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों की बराबर मदद हो रही है। लेखपालों की टीमें गांवों में भ्रमण करके हालात का जायजा ले रही हैं।
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बिसवां तहसील के श्रीरामपुरवा, धुतपुरवा, दुर्गापुरवा, पासिनपुरवा आदि गांवों के समीप नदी बह रही है। गांव से महज 10 मीटर की दूरी पर नदी का पानी स्थिर बना हुआ है लेकिन कटान शुरू हो गई है। इसकी वजह से ग्रामीण दहशत में हैं। वह कटान पर बराबर नजर बनाए ंहै। ग्रामीणों ने पलायन करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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जटपुरवा व श्रीरामपुरवा के बीच नदी ने करीब 40 बीघा परती जमीन काट दी है। लालू, कन्हई, बृजलाल, हामिद, पप्पू, अजिज व पूर्व विधायक की जमीन कटान में समा गई है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह का कहना है कि नदियों का जलस्तर स्थिर है। कटान हो रही है। इा पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों की बराबर मदद हो रही है। लेखपालों की टीमें गांवों में भ्रमण करके हालात का जायजा ले रही हैं।
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