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जंगली जानवर की चहल कदमी से दहशत
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2015 10:45 PM IST
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डीएफओ एपी त्रिपाठी वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। देर रात तक कांबिंग चलती रही। बावजूद इसके टीम के हाथ न तो जानवर लगा और न ही उसके होने के कोई साक्ष्य मिले।
दलेल नगर के कुछ ग्रामीण शनिवार की रात खेतों की तरफ जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में एक जानवर खड़ा दिखाई दिया। यह जानवर शेर की तरह से गुर्रा रहा था। उसकी गुर्राहट ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। जिसके बाद ग्रामीण दहशत में आ गए और वहां से भाग कर गांव पहुंचे।
अन्य ग्रामीणों को बताया तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इस बात की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही डीएफओ एपी त्रिपाठी व रेंजर एसएन सिंह वन कर्मियों की टीम के साथ गांव पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने पहले ग्रामीणों से जानवर के बारे में पूछताछ की।
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जिसके बाद ग्रामीणों की मदद लेते हुए कांबिंग शुरू की गई। इस दौरान गांव के आसपास आग भी जला दी गई, ताकि जानवर अगर गांव की तरफ बढ़े तो वह साफ दिख जाए। वहीं गांव के अंदर भी लोग ढोल व पीपे पीट रहे थे। देर रात तक वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों में काबिंग की, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा।
गांव पहुंचकर अधिकारियों ने ग्रामीणों से एहतियात बरतने को कहा और जंगली जानवरों से बचने के तरीके बताए। वन विभाग की कार्रवाई के बाद भी गांव में दहशत का माहौल रहा। यही वजह रही कि टीम के जाने के बाद ग्रामीण पटाखे दागते रहे। जिससे जानवर गांव की तरफ न आने पाए।
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दलेल नगर के कुछ ग्रामीण शनिवार की रात खेतों की तरफ जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में एक जानवर खड़ा दिखाई दिया। यह जानवर शेर की तरह से गुर्रा रहा था। उसकी गुर्राहट ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। जिसके बाद ग्रामीण दहशत में आ गए और वहां से भाग कर गांव पहुंचे।
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अन्य ग्रामीणों को बताया तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इस बात की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही डीएफओ एपी त्रिपाठी व रेंजर एसएन सिंह वन कर्मियों की टीम के साथ गांव पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने पहले ग्रामीणों से जानवर के बारे में पूछताछ की।
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जिसके बाद ग्रामीणों की मदद लेते हुए कांबिंग शुरू की गई। इस दौरान गांव के आसपास आग भी जला दी गई, ताकि जानवर अगर गांव की तरफ बढ़े तो वह साफ दिख जाए। वहीं गांव के अंदर भी लोग ढोल व पीपे पीट रहे थे। देर रात तक वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों में काबिंग की, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा।
गांव पहुंचकर अधिकारियों ने ग्रामीणों से एहतियात बरतने को कहा और जंगली जानवरों से बचने के तरीके बताए। वन विभाग की कार्रवाई के बाद भी गांव में दहशत का माहौल रहा। यही वजह रही कि टीम के जाने के बाद ग्रामीण पटाखे दागते रहे। जिससे जानवर गांव की तरफ न आने पाए।