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गांवों के नालों में घुसा घाघरा का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:13 PM IST
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- फोटो : demo pic
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घाघरा का पानी तटीय क्षेत्रों में बसे गांवों में घुसने को बेताब दिख रहा है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से घाघरा नदी उफना रही है। गुरुवार को नदी की तरफ जाने वाले नालों में घाघरा का पानी घुस गया।
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इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। तटीय इलाकों के लोगों ने झोपड़ियों को अपने ही हाथों से उजाड़ना शुरू कर दिया है। ये परिवार सड़कों पर शरण ले रहे हैं। उधर, गुरुवार घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से करीब पौने तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसकी वजह से जलस्तर में एकाएक काफी बढ़ोतरी हो गई।
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बाढ़ का केंद्र अभी रेउसा क्षेत्र का इलाका बना हुआ है। रेउसा क्षेत्र में गांवों का बरसाती पानी निकालने के लिए नाले बने हुए हैं। ये नाले घाघरा नदी से जुड़े हुए हैं। बरसात का पानी इन्हीं नालों से होकर घाघरा में गिरता है, लेकिन इन दिनों ये नाले ही मुसीबत का सबब बनते नजर आ रहे हैं।
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क्षेत्र के कटैला पुरवा, जैतहिया, कोनी, दुर्गापुरवा के करीब से गुजरने वाले नालों में बरसात का पानी तो जा नहीं रहा। उल्टे घाघरा नदी का पानी गांव में घुसने को बेताब दिख रहा है। क्षेत्र के कोनी, दुर्गापुरवा के निकट नदी कटान भी कर रही है, वहीं नदी का पानी किनारों से उछाल भी मार रहा है।
नदी में उठने वाली लहरें जब किनारों से टकरा रही हैं, तो नदी का पानी बाहर आ रहा है। नदी का यह रूप देख दुर्गापुरवा, कोनी, गोड़ियन पुरवा, ठेकेदार पुरवा के लोगों ने तटीय इलाकों से झोपड़ी उजाड़कर पलायन शुरू कर दिया है।
ये परिवार क्षेत्र की सड़कों पर डेरा डाल रहे हैं। उधर, टापू पर बसे पचीसा, रेती पुरवा व बदहाली पुरवा के ग्रामीणों की जान सांसत में है। पचीसा गांव के निकट नदी टापू को काट रही है।
वहीं नदी का जलस्तर बढ़ने से टापू पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। टापू से करीब 5 किलोमीटर दूरी तक घाघरा दिख रही है। इससे टापू पर बसे लोग बड़ी मुश्किल से ही टापू से नदी पार कर पा रहे हैं।
उधर, बनबसा बैराज, गिरिजा (घाघरा) बैराज व शारदा बैराजों से 2,73,039 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी बाढ़ के लिए काफी माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि जब यह पानी गांजरी इलाके से गुजरेगा, तब बाढ़ आना तय है।
घाघरा नदी तटीय इलाके के करीब 26 गांवों निकट की जमीन काट रही है। पचीसा, रेती पुरवा, बदहाली पुरवा, कोनी, दुर्गा पुरवा, गोड़ियन पुरवा, मरेली, जैतहिया, ठेकेदार पुरवा, रामलालपुरवा, नगीनापुरवा आदि गांवों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है।
लहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार शारदा के जलस्तर में भी बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे लहरपुर तहसील क्षेत्र के तटीय इलाके में बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। काशीपुर, मल्लापुर के निकट शारदा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है।