सिधौली में खुला ग्राम न्यायालय
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति रामसूरत मौर्य ने शनिवार को तहसील सिधौली में नवनिर्मित न्यायालय कक्ष का उद्घाटन किया। यह जनपद सीतापुर में पहला ग्राम न्यायालय होगा, जिसके माध्यम से जनता अपने क्षेत्र के वादों का निस्तारण सुगमता पूर्वक करवा सकेगी।
न्यायमूर्ति ने कहा कि ग्राम न्यायालय की स्थापना के बाद यहां के लोगों का अब उनके ही क्षेत्र में वाद निस्तारण हो सकेगा। अभी तक उन्हें न्याय पाने के लिए कई किमी. सफर तय करना पड़ता था। ग्राम न्यायालय में लघु वादों की सुनवाई की जाएगी। न्यायालय का अधिकार क्षेत्र सिधौली तहसील का राजस्व क्षेत्र होगा।
यहां सुनवाई के लिए पीठासीन अधिकारी/ सिविल जज जूनियर डिवीजन महमूदाबाद हरीश कुमार की तैनाती कर दी गई है। कार्यक्रम में डीएम अमृत त्रिपाठी, एसपी सौमित्र यादव, एसडीएम सुश्री शेरी आदि उपस्थित रहीं।
न्यायमूर्ति ने ललिता देवी मंदिर में टेका माथा
न्यायमूर्ति राम सूरत मौर्य नैमिषारण्य पहुंचे। यहां पर उन्होंने चक्रतीर्थ, ललिता देवी मंदिर, काली पीठ मंदिर समेत अन्य मठ-मंदिरों में पूजन अर्चन किया और देवी-देवताओं से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। वह यहां सिधौली तहसील में ग्राम न्यायालय की आधारशिला पूजन कार्यक्रम में आए थे।
न्यायमूर्ति ने नैमिषारण्य में प्राचीन चक्रतीर्थ की पूजा-अर्चना की। बाद में वहां से वह मां ललिता देवी मंदिर को गए, जहां शास्त्रोक्त विधि से प्रधान पुजारी पंडित जगदंबा प्रसाद ने पूजन करवाया। कालीपीठ मंदिर पहुंचे, जहां दक्षिण मुखी मां काली का पूजन-अर्चन किया और काली देवी की आरती की।