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छह स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा ड्राई रन
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सीतापुर। जिले में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिले में पांच जनवरी को वैक्सीन का ड्राई रन होगा। इसके लिए छह स्वास्थ्य केंद्रों को चुना गया है। वहां एक साथ 25 मरीज बुलाए जाएंगे। इन मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को ठीक वैसे पेश आना है, जब ये लोग टीका लगवाने केंद्र पर आएंगे। स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण के समय क्या सावधानी बरतेंगे, वह इस ड्राई रन से सीख सकेंगे।
कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है। वैक्सीन जल्द ही लॉन्च होगी। इससे लोगों को महामारी से निजात मिल सकेगी। वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन वैक्सीन लगाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। अब वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ड्राई रन कराएगा। पांच जनवरी को जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की जाएगी। जिले के तीन ग्रामीण व तीन शहरी सीएचसी पर इसकी शुरुआत होगी। इस दिन पहले से चिह्नित 25 लोगों को बुलाया जाएगा।
इन लोगों के साथ ठीक वैसा ही व्यवहार किया जाएगा, जब ये टीका लगवाने आएंगे। स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग हो चुकी है। अगर कोई कमी रह जाती है तो इसको दुरुस्त करेंगे। जिससे टीका लगवाया जाए तो कोई कमी न रह जाए। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां कर ली है। अब मरीजों को बुलाने के लिए सीएचसी टीम द्वारा उनके घर संदेश भेजा जा रहा है।
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यह है ड्राई रन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ड्राई रन का मतलब वैक्सीन लगाने के लिए सीएचसी पर आने वाले मरीजों के साथ किस तरह से पेश आना है। वैक्सीन लगाते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना होगा। मरीज किस तरह से वैक्सीन को सुरक्षित तरीके से लगवा सके। इसके लिए उन्हें मानसिक तरीके से तैयार करना होगा। इसका ट्रायल ही ड्राई रन है।
दोबारा लगने वाले टीके की दी जाएगी जानकारी
सीएचसी आने वाले मरीजों को एएनएम बताएंगी कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। एक बार टीका लगने के बाद फिर 28 दिन बाद आना है। इस दौरान लोगों को कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरीके से पालन करना होगा। अगर आधे घंटे बाद कोई दिक्कत होती है तो तत्काल सीएचसी अधीक्षक व एएनएम को सूचित करेंगे। सीएचसी अधीक्षक एंबुलेंस भेजकर तत्काल मरीज को बुलाएंगे। अगर आधे घंटे के दौरान मरीज को कोई दिक्कत होती है तो सीएचसी पर एक स्वास्थ्य टीम मौजूद रहेगी। वह मरीज को तत्काल इलाज मुहैया कराएगी।
इन सीएचसी पर होगा ड्राई रन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ड्राई रन के लिए तीन शहरी व तीन ग्रामीण इलाके के स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया गया है। शहरी इलाके में जिला महिला चिकित्सालय, इस्माइलपुर व सदर बाजार की पीएचसी को चुना गया है। इसके अलावा ग्रामीण इलाके के लिए खैराबाद, परसेंडी व एलिया सीएचसी को चुना गया है। यहां पर ड्राई रन होगा। पहले चरण में सीएचसी अधीक्षक के मोबाइल पर 25 लोगों की सूचना डाली जाएगी।
दूसरे चरण में मरीज सीएचसी पहुंचने पर सिक्योरटी गार्ड चेक लिस्ट में उसका नाम देखकर अंदर जाने देगा। तीसरे चरण में सीएचसी के अंदर उसके आधार नंबर का वेरीफिकेशन होगा। चौथे चरण में थर्मल स्कैनिंग, मॉस्क व सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए जाएंगे। पांचवें चरण में एएनएम आधा घंटा तक बैठाकर टीकाकरण के बारे में पूरी तरह से जानकारी देगी।
पांच जनवरी को ड्राई रन होगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। वैक्सीन सुरक्षित तरीके से हर इंसान को लग सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. पीके सिंह, प्रभारी सीएमओ
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कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है। वैक्सीन जल्द ही लॉन्च होगी। इससे लोगों को महामारी से निजात मिल सकेगी। वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन वैक्सीन लगाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। अब वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ड्राई रन कराएगा। पांच जनवरी को जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की जाएगी। जिले के तीन ग्रामीण व तीन शहरी सीएचसी पर इसकी शुरुआत होगी। इस दिन पहले से चिह्नित 25 लोगों को बुलाया जाएगा।
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इन लोगों के साथ ठीक वैसा ही व्यवहार किया जाएगा, जब ये टीका लगवाने आएंगे। स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग हो चुकी है। अगर कोई कमी रह जाती है तो इसको दुरुस्त करेंगे। जिससे टीका लगवाया जाए तो कोई कमी न रह जाए। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां कर ली है। अब मरीजों को बुलाने के लिए सीएचसी टीम द्वारा उनके घर संदेश भेजा जा रहा है।
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यह है ड्राई रन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ड्राई रन का मतलब वैक्सीन लगाने के लिए सीएचसी पर आने वाले मरीजों के साथ किस तरह से पेश आना है। वैक्सीन लगाते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना होगा। मरीज किस तरह से वैक्सीन को सुरक्षित तरीके से लगवा सके। इसके लिए उन्हें मानसिक तरीके से तैयार करना होगा। इसका ट्रायल ही ड्राई रन है।
दोबारा लगने वाले टीके की दी जाएगी जानकारी
सीएचसी आने वाले मरीजों को एएनएम बताएंगी कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। एक बार टीका लगने के बाद फिर 28 दिन बाद आना है। इस दौरान लोगों को कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरीके से पालन करना होगा। अगर आधे घंटे बाद कोई दिक्कत होती है तो तत्काल सीएचसी अधीक्षक व एएनएम को सूचित करेंगे। सीएचसी अधीक्षक एंबुलेंस भेजकर तत्काल मरीज को बुलाएंगे। अगर आधे घंटे के दौरान मरीज को कोई दिक्कत होती है तो सीएचसी पर एक स्वास्थ्य टीम मौजूद रहेगी। वह मरीज को तत्काल इलाज मुहैया कराएगी।
इन सीएचसी पर होगा ड्राई रन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ड्राई रन के लिए तीन शहरी व तीन ग्रामीण इलाके के स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया गया है। शहरी इलाके में जिला महिला चिकित्सालय, इस्माइलपुर व सदर बाजार की पीएचसी को चुना गया है। इसके अलावा ग्रामीण इलाके के लिए खैराबाद, परसेंडी व एलिया सीएचसी को चुना गया है। यहां पर ड्राई रन होगा। पहले चरण में सीएचसी अधीक्षक के मोबाइल पर 25 लोगों की सूचना डाली जाएगी।
दूसरे चरण में मरीज सीएचसी पहुंचने पर सिक्योरटी गार्ड चेक लिस्ट में उसका नाम देखकर अंदर जाने देगा। तीसरे चरण में सीएचसी के अंदर उसके आधार नंबर का वेरीफिकेशन होगा। चौथे चरण में थर्मल स्कैनिंग, मॉस्क व सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए जाएंगे। पांचवें चरण में एएनएम आधा घंटा तक बैठाकर टीकाकरण के बारे में पूरी तरह से जानकारी देगी।
पांच जनवरी को ड्राई रन होगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। वैक्सीन सुरक्षित तरीके से हर इंसान को लग सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. पीके सिंह, प्रभारी सीएमओ