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Sitapur News: घर पर ही हुई थी किशोरी की मौत, परिजनों ने फेंका था शव
Tue, 02 Dec 2025 09:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 02 Dec 2025 09:31 PM IST
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सीतापुर। तालगांव में हुई किशोरी की मौत के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार किशोरी की मौत उसके घर पर ही हुई थी। कार्रवाई के डर से परिजनों ने शव को उठाकर खेत में फेंक दिया था।
बीती 25 नवंबर को जनकपुरवा मजरा मदनापुर गढ़ी निवासी 16 वर्षीय एक किशोरी का शव खेत में बरामद हुआ था। परिजनों की तहरीर पर गांव के ही दाे लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से पूछताछ की तो बयानों में विरोधाभास पाया गया।
एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया कि परिजनों से दोबारा पूछताछ करने पर यह पता चला कि मृतका एवं उसकी बडी बहन के बीच किसी आपसी बात को लेकर विवाद हो गया था। पिता ने दोनों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया था। इसके बाद सभी अपने कामों में व्यस्त हो गए। डांट से क्षुब्ध होकर मृतका ने घर के ही एक कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया।
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करीब तीन घंटे के बाद मृतका का शव घर के एक कमरे में पाया गया। उसे देखकर परिजन भयभीत हो गए। भय के कारण परिजनों ने शव को गांव के बाहर गन्ने के खेत में जाकर फेंक दिया था। पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने इस बात को स्वीकार किया है। साक्ष्यों को छुपाने के क्रम में कार्रवाई की जाएगी।
तो पैर देखकर खुला राज...
पुलिस सूत्रों के अनुसार तो एसपी अंकुर अग्रवाल की एक विशेष टीम ने शव के पैर देखकर घटना का खुलासा कर दिया। जहां पर शव पड़ा हुआ था, वहां पर काफी मिट्टी थी। वहीं दूसरी तरफ शव के पैरों में चप्पल भी नहीं थी। इसके बावजूद पैर बिल्कुल साफ थे। घटनास्थल पर कोई भी संघर्ष का निशान भी नहीं था। ऐसे में टीम ने इस बात का अंदाजा लगा लिया कि शव को यहां लाकर फेंक दिया गया है। दूसरी ओर दोनों चप्पलें उसी कमरे में भी पाई गईं। जहां किशोरी की लाश मिली थी। बयानों में विरोधाभास आने की स्थिति में एक गवाह का न्यायालय के समक्ष कलमबद्ध बयान भी कराया गया।
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बीती 25 नवंबर को जनकपुरवा मजरा मदनापुर गढ़ी निवासी 16 वर्षीय एक किशोरी का शव खेत में बरामद हुआ था। परिजनों की तहरीर पर गांव के ही दाे लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से पूछताछ की तो बयानों में विरोधाभास पाया गया।
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एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया कि परिजनों से दोबारा पूछताछ करने पर यह पता चला कि मृतका एवं उसकी बडी बहन के बीच किसी आपसी बात को लेकर विवाद हो गया था। पिता ने दोनों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया था। इसके बाद सभी अपने कामों में व्यस्त हो गए। डांट से क्षुब्ध होकर मृतका ने घर के ही एक कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया।
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करीब तीन घंटे के बाद मृतका का शव घर के एक कमरे में पाया गया। उसे देखकर परिजन भयभीत हो गए। भय के कारण परिजनों ने शव को गांव के बाहर गन्ने के खेत में जाकर फेंक दिया था। पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने इस बात को स्वीकार किया है। साक्ष्यों को छुपाने के क्रम में कार्रवाई की जाएगी।
तो पैर देखकर खुला राज...
पुलिस सूत्रों के अनुसार तो एसपी अंकुर अग्रवाल की एक विशेष टीम ने शव के पैर देखकर घटना का खुलासा कर दिया। जहां पर शव पड़ा हुआ था, वहां पर काफी मिट्टी थी। वहीं दूसरी तरफ शव के पैरों में चप्पल भी नहीं थी। इसके बावजूद पैर बिल्कुल साफ थे। घटनास्थल पर कोई भी संघर्ष का निशान भी नहीं था। ऐसे में टीम ने इस बात का अंदाजा लगा लिया कि शव को यहां लाकर फेंक दिया गया है। दूसरी ओर दोनों चप्पलें उसी कमरे में भी पाई गईं। जहां किशोरी की लाश मिली थी। बयानों में विरोधाभास आने की स्थिति में एक गवाह का न्यायालय के समक्ष कलमबद्ध बयान भी कराया गया।