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Sitapur News: धरने पर बैठा परिवार, नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार
Sat, 01 Jun 2024 08:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 01 Jun 2024 08:54 PM IST
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खैराबाद। निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बहाने महिला की किडनी निकालने के मामले में शनिवार को पीड़ित परिवार विकास भवन में धरने पर बैठा। हालांकि पूरे दिन पीड़ित से मिलने कोई भी जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचा। अब पीड़ित छह जून को मुख्यमंत्री आवास कूच करेगा।
खैराबाद के मलुही सरैंया निवासी शिवकुमार ने 2014 में अपनी मां विमला देवी का ऑपरेशन करवाया था। बीते दिनों गांव में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम आई। जब विमला देवी ने डॉक्टरों से सांस फूलने और पेट में दर्द के साथ थकान रहने की समस्या बताई तो अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। शिवकुमार ने बताया कि उसने एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया।
इसकी रिपोर्ट आई तो पता चला कि मां की एक किडनी नहीं है। इसकी पुष्टि के लिए लखनऊ से एक विशेष जांच भी कराई। इसमें भी किडनी निकाले जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद से वह न्याय के लिए दौड़ लगा रहा है।
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पीड़िता विमला देवी के पुत्र शिवकुमार ने खैराबाद के एक चिकित्सक पर सीतापुर के एक निजी अस्पताल में किडनी निकालने का आरोप लगाया है। आरोप है कि सीएमओ को एक सप्ताह पूर्व प्रार्थना पत्र दिया था।
अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई। शनिवार को कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया लेकिन कोई अधिकारी मिलने नहीं आया। अब वह छह जून को अपने परिवार के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलेगा और न्याय की गुहार लगाएगा।
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खैराबाद के मलुही सरैंया निवासी शिवकुमार ने 2014 में अपनी मां विमला देवी का ऑपरेशन करवाया था। बीते दिनों गांव में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम आई। जब विमला देवी ने डॉक्टरों से सांस फूलने और पेट में दर्द के साथ थकान रहने की समस्या बताई तो अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। शिवकुमार ने बताया कि उसने एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया।
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इसकी रिपोर्ट आई तो पता चला कि मां की एक किडनी नहीं है। इसकी पुष्टि के लिए लखनऊ से एक विशेष जांच भी कराई। इसमें भी किडनी निकाले जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद से वह न्याय के लिए दौड़ लगा रहा है।
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पीड़िता विमला देवी के पुत्र शिवकुमार ने खैराबाद के एक चिकित्सक पर सीतापुर के एक निजी अस्पताल में किडनी निकालने का आरोप लगाया है। आरोप है कि सीएमओ को एक सप्ताह पूर्व प्रार्थना पत्र दिया था।
अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई। शनिवार को कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया लेकिन कोई अधिकारी मिलने नहीं आया। अब वह छह जून को अपने परिवार के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलेगा और न्याय की गुहार लगाएगा।