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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Stop taking samples prematurely

समय से पहले ही बंद कर देते सैंपल लेना

Thu, 02 Jun 2022 12:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2022 12:33 AM IST
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Stop taking samples prematurely
सीतापुर। जिला महिला अस्पताल में डीएम के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। डीएम ने मरीजों की जांच के लिए शाम पांच बजे तक सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी दोपहर डेढ़ बजे तक ही सैंपल लिए जा रहे हैं। कई बार कर्मचारी समय से पहले ही सैंपल लेना बंद कर देते हैं। इससे महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समय से जांच न होने के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कतें आ रही हैं।
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जिला महिला अस्पताल का कुछ दिन पहले जिलाधिकारी अनुज सिंह ने औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मरीजों ने बताया था कि सैंपल दोपहर बाद नहीं लिए जाते हैं। इससे जांच करवाने के लिए अगले दिन आना पड़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे कि सैंपल शाम तक लिए जाए, जिससे मरीजों को जांच करवाने के लिए परेशान न होना पड़े।
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इसके बावजूद अस्पताल में अभी ऐसी कोई व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। इससे मरीज जांच न होने पर लौट जाते है। मंगलवार को जांच करवाने आई रेखा ने बताया कि ढाई बज गया था। जब सैंपल देने पहुंचे तो मना कर दिया गया। एक जांच कर्मी ने बताया कि एक बजे तक ही सैंपल लिए जाते हैं।
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सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि अगर सैंपल दोपहर बाद नहीं लिए जा रहे है तो इसकी जानकारी नहीं है। सीएमएस से मालूम करके डीएम के निर्देश का पालन कराया जाएगा।
मजबूरी में मरीज बाहर करवा रहे जांच
शिवप्यारी ने बताया कि घर से निकलने में देर हो गई थी। करीब डेढ़ बजे सैंपल देने पहुंची तो वहां पर बताया गया कि अब जांच नहीं हो पाएगी। गुरुवार को आने पर ही आपका सैंपल लिया जाएगा। रेशमा ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में सैंपल देने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। थोड़ी सी भी देर हो जाए तो सैंपल नहीं लिए जा रहे है। इससे मजबूरी में बाहर जांच करवानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में भी अव्यवस्था
जिला अस्पताल में भी सैंपल लेने की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अस्पताल में ढाई बजे तक भर्ती मरीजों के सैंपल ले लिए जाते है। अगर कोई सामान्य मरीज दिखाने आए तो उसका सैंपल नहीं लिया जाता है। इससे मरीजों को सैंपल देने में दिक्कत आ रही है।

बाहर जांच होती है महंगी
मरीजों की अगर अस्पताल में जांच नहीं हो पाती है तो बाहर करवानी पड़ती है। इससे उनको जांच के नाम पर अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। लिवर की जांच अस्पताल में निशुल्क होती है वहीं बाहर करवाने के लिए करीब चार सौ रुपये खर्च करने पड़ते है। इससे मरीज परेशान होते हैं।
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