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करोड़ों की ठगी करने वाले छह गिरफ्तार

Wed, 22 Dec 2021 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 11:57 PM IST
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Six arrested for cheating crores
एसपी ऑफिस में घटना का खुलासा करते अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एनपी सिंह। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। लोगों को झांसे में लेकर उनका खाता खोलने के बाद एप के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने गैंग के सरगना समेत छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के शिकंजे में आए शातिर लखनऊ, प्रयागराज, सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से लग्जरी कार, कई स्मार्ट फोन, काफी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड, सिम कार्ड आदि सामान बरामद हुआ है। एएसपी का दावा है कि ठग अब तक करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
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एएसपी साउथ एनपी सिंह ने बताया कि नवंबर में अटरिया गांव के बेरसापुर, गढ़ीगांव-नयागांव में आरोपी रविंद्र प्रजापति व संतोष यादव गए थे। वहां उन्होंने ग्रामीणों से आयुष्मान योजना के तहत बैंक खाते खोले जाने का झांसा दिया। गांव के 13 लोगों को झांसे में लेकर उनका आधार कार्ड लेकर मशीन में अंगूठा लगवा लिया।
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इसके बाद लखनऊ पहुंचकर बिना ग्रामीणों की जानकारी के उनके आधार से 13 फर्जी खाते खोल लिए। इसमें फर्जी आईडी से निकाले गए मोबाइल नंबरों को खाते में लगाया। मामला में पकड़ में आने के बाद रविंद्र प्रजापति व संतोष यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। संतोष यादव लखनऊ में एक्सिस बैंक में सेल्स मैनेजर था। रविंद्र आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने का काम करता था।
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दोनों से पूछताछ के बाद इस गैंग में शामिल छह और आरोपियों के नाम सामने आए। इन सभी के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में दो गैंग के सरगना भी हैं। सभी को जेल भेजा गया। एएसपी साउथ का कहना है कि आरोपी इस कार्य में पिछले डेढ़ साल से लगे थे। अब तक करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। बाकी जानकारियां भी जुटाई जा रहीं हैं।
गैंग लीडर समेत छह गिरफ्तार
एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि सिद्धार्थनगर जिले के थाना इटवा इलाके के बिस्कोहर गांव निवासी तनुज सिंह, लखनऊ के माल इलाके के पीरनगर निवासी विपिन कुमार मौर्य, लखनऊ के मलिहाबाद निवासी अमित कुमार, प्रतापगढ़ जिले के मूल निवासी हाल पता प्रयागराज के न्यू झूसी निवासी संजय जायसवाल, लखनऊ के आशियाना इलाके के निवासी सत्यम शर्मा, लखनऊ के सरोजनीनगर निवासी साहिब खां क्षेत्र के भगौतीपुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया है। मास्टरमाइंड संजय व साहिल है।
शातिर ऐसे करते थे ठगी
एएसपी का कहना है कि शातिर मोबाइल में एप को डाउनलोड कर उसका लिंक दूूसरे के पास भेजकर उसको डाउनलोड करवाते थे। लिंक से एप डाउनलोड करने से जहां से लिंक फारवर्ड किया गया, उसको कुछ पैसे मिलते हैं। बताया कि ऑनलाइन कई तरह के एप है, जो डाउनलोड करने पर कैश बैक देते हैं। इसमें एक व्यक्ति 10 हजार से अधिक रुपये नहीं रख सकता। इसलिए रुपये आते ही ये लोग खोले खातों में रुपये ट्रांसफर करने के बाद निकाल लेते थे। सीओ सिधौली ने बताया कि जांच में सामने आया कि 13 खातों से इन लोगों ने करीब 39 लाख रुपये निकाले हैं। हर खाते में तीन लाख रुपये का लेनदेन हुआ है।
ऐसे खुला शातिरों का खेल
एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि 13 खाते खुलवाने के बाद ऑनलाइन लेनदेन शुरू कर दिया। फर्जी तरीके से खुले खातों में पैसा आने के बाद वह ऑनलाइन ट्रांसफर करते थे। जिस बैंक में खाते खुले थे, वहां के कर्मचारियों को जानकारी हुई। इसके बाद वे लोग गांव पहुंचे और जिन लोगों के खाते खुले थे, उनसे जानकारी की तो वह सब इससे अंजान थे। इसके बाद बेरसा गांव के निवासी रामनरेश सिंह की तहरीर पर 19 दिसंबर को केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी रवींद्र प्रजापति, संतोष यादव को गिरफ्तार किया।
उनसे पूछताछ के बाद पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। साइबर गैंग के कब्जे से 120 फर्जी आधार कार्ड, 100 फर्जी पैन कार्ड, 1650 फर्जी आईडी से जारी सिम कार्ड, दो जमीन की रजिस्ट्री, दो लैपटॉप, एक कंप्यूटर, तीन प्रिंटर, 44 डेबिड कार्ड, तीन क्रेडिट कार्ड, एक बाइक, 25 मोबाइल, एक कार आदि सामान बरामद हुआ है।
ऐसे करते थे साइबर अपराध
एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि पकड़े गए साइबर अपराधियों ने कुबूला कि इनका एक संगठित गिरोह है। स्वीकारा कि गांवों मे जाकर आयुष्मान कार्ड खोलने के बहाने से लोगों से मशीन में अंगूठा लगवाकर आधार कार्ड लेकर उनका एक्सिस बैंक में खाता खुलवाते थे। इसके बाद फर्जी तरीके से एक्टिवेट कराए गए मोबाइल नंबर को रजिस्टर कराते थे।
खाता धारकों को बिना बताए बैंक अकाउंट की पासबुक, एटीएम कार्ड, रजिस्टर मोबाइल नंबर का सिम कार्ड गिरोह के अन्य साथी को दे देते थे। सरगना साहिल, संजय, तनुज अन्य साथियों के साथ मिलकर इन खातों का इस्तेमाल करते थे। उनका वालेट व बैंक खातों से पैसा इन खातों में ट्रांजेक्शन कराकर वालेट, नेट बैंकिग के माध्यम से रुपये निकाल लेते थे।

यूपी से लेकर कई प्रदेशों से जुड़े हैं तार
सीओ सिधौली यादुवेंद्र यादव ने बताया कि पकड़े गए गिरोह के तार लखनऊ, इलाहाबाद से लेकर प्रदेश के कई जिलों, बिहार राज्य तक में फैला है। साइबर अपराध करके शातिरों ने काफी पैसा कमाया है।
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