सीतापुर में आफत की बारिश : ईंट की दीवार गिरने से चार साल के बच्चे समेत छह की मौत, आठ घायल
बारिश के कारण सीतापुर में ईंट की दीवार गिरने से चार साल के बच्चे समेत छह की मौत हो गई। वहीं, कच्ची दीवार ढहने से बुजुर्ग व दिव्यांग महिला ने की जान चली गई।
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सीतापुर जिले में बीते 24 घंटे से हो रही आफत की बारिश से कई कच्चे पक्के मकान ढहने व पेड़ों के गिरने से एक बच्चे सहित छह लोगों की मौत हो गई। हादसों की चपेट में आने स आठ ग्रामीणों सहित कई मवेशी भी घायल हुए हैं। शनिवार को भी तेज हवा के साथ दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
जलभराव के कारण शहर में कई मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। प्रमुख रास्तों पर भरे पानी को निकलवाने के लिए पंपिंग सेट लगाने पड़े। हादसों के दौरान महोली के नरनी गांव में दिव्यांग महिला शांति देवी (60) की घर की कच्ची दीवार व छप्पर गिरने से मौत हो गई। महमूदाबाद के माल सराय में ईंट की दीवार गिरने सूर्यांश (4) की, हरगांव क मुद्रासन में माधव लाल (60) की जबकि रामपुर मथुरा के गौरा गांव के कांशीरामपुरवा निवासी ऊषा देवी (45) छप्पर के नीचे दबने व बहलोलनगर निवासी सायमा (23) की डूबने से मौत हुई है।
महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के माल सराय में शनिवार को अचानक ईंट की दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में आकर सूर्यांश (4) और शिवांश (8) दीवार के मलबे के नीचे दब गए। चीख पुकार के बीच परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों बालकों को मलबे से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सूर्यांश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, शिवांश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है।
हरगांव ब्लॉक के नवापुरवा मजरा मुद्रासन में शनिवार सुबह माधव के घर की कच्ची दीवार अचानक भर भराकर गिर गई। दीवार के मलबे में माधव लाल (60) दब गए। परिजनों व ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही अलग-अलग गांवों में कच्ची दीवारें ढहने से कई परिवार बेघर हो गए। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से भी कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।
सरोजनी वाटिका में लगा पेड़ धराशायी होने से रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई। डालडा मिल के पास पीपल का पेड़ गिरने से महोली मार्ग पर एक लेन का आवागमन घंटों बाधित रहा। इसी तरह कमलापुर के पतारा कला में मूसलाधार बारिश के कारण तीन आवास पूरी तरह धराशायी हो गए, जबकि पांच लोगों के घरों की दीवारें गिर गईं। वहीं एक बुजुर्ग मलबे में दबकर घायल हो गए।
पतारा कला निवासी रामदयाल (60) अपने घर की कच्ची दीवार गिरने से मलबे के नीचे दब गए। ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और एंबुलेंस से सीएचसी कसमंडा में भर्ती कराया। पुत्र भानु ने बताया कि उपचार के बाद उनके पिता की हालत में सुधार है। मोहनापुर मजरा बम्हेरा में राजकिशोर तिवारी, शिवप्रसाद तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी और जमुना प्रसाद तिवारी के कच्चे मकान व दुकान गिरने से काफी नुकसान हुआ है।
दीवार और पेड़ गिरने से कई ग्रामीण व भी घायल
कल्ली चौराहा क्षेत्र में करखिला निवासी गंगाराम के घर की कच्ची दीवार गिरने से चपेट में आकर उनकी दो भैंसे घायल हो गईं। डेंगरा के मजरा पट्टी गांव निवासी इंद्राणी की कच्ची दीवार गिरने से घर का पूरा सामान दब गया। इसी गांव के पुतान अपनी पत्नी पुष्पा संग घर में बैठे थे अचानक पेड़ घर के ऊपर गिर जाने से दंपती को चोट आई। सिधौली में बारिश के चलते दो अलग-अलग स्थानों पर कच्ची दीवार गिरने से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
पहली घटना कस्बे से सटे गांव काशीपुर में हुई। यहां की निवासी मालती शुक्रवार रात पड़ोस में रह रही अपनी सास कोकिला के घर गई थीं, इसी दौरान अचानक कच्ची दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। मालती मलबे के नीचे दब गईं। लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला और सीएचसी पहुंचाया। एसडीएम अवनीश कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में लेखपाल को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है।
रामपुर मथुरा क्षेत्र के रघवापुर गांव में करीब 500 वर्ष पुराना विशाल बरगद का पेड़ तेज आंधी व बरसात के कारण गिरने से एक भैंस की मौत हो गई। टीनशेड के नीचे खड़ा ट्रैक्टर भी पेंड के नीचे दब गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। रेउसा ब्लॉक परिसर व थाना परिसर में लगे विशालकाय पेड़ तेज हवा से धराशाई हो गए। जिससे ब्लॉक की बांउड्री व थाने का गेट क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, बाबू पोरवाल, लाला राम यादव का मकान पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया।
संकेतक बोर्ड व पेड़ गिरने से यातायात बाधित
लहरपुर। नगर के मजाशाह चौराहे के तंबौर मार्ग पर लोकनिर्माण विभाग का भारी भरकम संकेतक बोर्ड के टूटकर गिर जाने से यातायात बाधित हो गया। मरीज लेकर आ रही एंबुलेंस भी जाम में घंटों फंसी रही। काफी देर बाद बोर्ड हटाकर यातायात बहाल कराया जा सका। केशरीगंज, तहसील मार्ग, सीतापुर मार्ग सहित ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर कई पेड़ धराशायी हो गए। जिससे आवागमन काफी देर तक बाधित रहा। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कच्ची दीवार गिरने से दिव्यांग महिला की मौत
महोली। दो दिनों से लगातार हो बारिश की वजह से क्षेत्र के एक गांव में शनिवार दोपहर कच्ची दीवार गिर गई। इससे एक दिव्यांग महिला की दबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्र के नरनी गांव में शनिवार दोपहर दिव्यांग महिला शांति देवी (60) घर के अंदर कच्ची दीवार पर पड़े छप्पर के नीचे बैठी थी। अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में महिला दब गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर महिला को बाहर निकला और सीएचसी लेकर गए। जहां चिकित्सक ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
रामपुर मथुरा क्षेत्र में दो महिलाओं की मौत
महमूदाबाद। रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते अलग अलग घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई। गौरा गांव के कांशीरामपुरवा निवासी ऊषा देवी (45) शनिवार को घर के बाहर छप्पर के नीचे लेटी थीं। इसी दौरान तेज हवा के कारण कुछ दूरी पर खड़ा पेड़ छप्पर पर जा गिरा। छप्पर के नीचे दबने से ऊषा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बहलोलनगर निवासी सायमा (23) घरेलू काम से घर से कुछ दूरी पर गई थीं। बारिश के कारण क्षेत्र में पानी भरा था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौके पर मौत हो गई।
जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
भारी बारिश से शहर के पूर्णागिरिनगर, आवास विकास, घूरामऊ बंगला, लोनियनपुरवा समेत कई मोहल्लों में सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे आवागमन में लोगों को दिक्कतें हुईं। कई लोगों के घरों में पानी पहुंचने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। लहरपुर के मोहल्ला कटरा और लोखरियापुर में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीण इलाकों से नगर की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी जलभराव के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
धान व गन्ना की फसल धरासाई, किसान मायूस
बारिश के साथ चल रही तेज हवाओं से धान व गन्ना की फसल खेत में बिछ गई। इस कारण भारी नुकसान होने की आशंका से किसान परेशान हैं। किसान अरविंद सिंह व राकेश वर्मा के मुताबिक लगातार तेज हवा व बारिश से धान की पौध, तिलहन व गन्ने की फसल नष्ट हो रही है। किसान सुधीर वर्मा व शिवराम ने बताया कि गिरे गन्ना को बांधने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही बढ़त व पैदावार पर असर पड़ेगा। पैदावार कम होने की संभावना है।