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घाघरा और शारदा के निशाने पर सात घर
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रेउसा (सीतापुर)। घाघरा और शारदा नदी के जलस्तर में कमी के साथ कटान तेजी हो गई है। 52 बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई। सात घर कटान के मुहाने पर हैं। कटान से ग्रामीण सहमे हुए हैं।
गांजरीय इलाके में जटपुरवा, मेवड़ी छोलहा दोनों गांवों के निकट पानी ही पानी दिखाई दे रहा। घाघरा और शारदा का पानी इन गांवों पर सितम ढहा रहा है।
मेवड़ी छोलहा के रियाजुद्दीन, आसीकली, समीउददिन, हामिद अली, कन्हई, लालू, अनंनत आदि लोगों के घरों से मात्र 200 मीटर की दूरी पर नदी बह रही। ऐसे में इनके घर मुहाने पर है।
किसी भी वक्त इन मकानों नदी अपनी जद में ले सकती है। छोलहा के पूर्व प्रधान अजीज 11 बीघा, पूर्व विधायक किशोरी लाल शुक्ल की 20 बीघा, रामलखन की 5 बीघा, वेदराम 3 बीघा, राधारमण की 5 बीघा, छोटकन्ने की 3 बीघा, मुनेजर की 5 बीघा आदि लोगों की जमीन घाघरा की लहरों की भेंट चढ़ गई। इन गांवों में अभी तक कोई घर नहीं कटा है।
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ग्रामीणों की माने तो इलाके में कटान काफी तेज है। मेवड़ी छोलहा, श्रीराम पुरवा के पास कटान से बचाने को बन रहा तट बांध घाघरा की लहरों से लड़ाई लड़ रहा है। बांध में प्रयोग किए गए बांस बल्ली लहरों की थपेड़ों में झुकते जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशतजदा हैं।
तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को किया अलर्ट
बिसवां के तहसीलदार राजकुमार गुप्ता ने बताया कि बैराजों से छोड़े गए पानी से इलाके में कुछ दुश्वारियां बढ़ गई थीं, लेकिन बाढ़ जैसे हालात नहीं है। पहले की तुलना में बैराजों से काफी कम पानी छोड़ा जा रहा है।
एहतियातन क्षेत्र में पैनी नजर रखी जा रही है। मेवड़ी छोलहा, जटपुरवा के पास कटान की सूचना मिलते ही वहां के लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। मेवड़ी छोलहा के पास बांध निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
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गांजरीय इलाके में जटपुरवा, मेवड़ी छोलहा दोनों गांवों के निकट पानी ही पानी दिखाई दे रहा। घाघरा और शारदा का पानी इन गांवों पर सितम ढहा रहा है।
मेवड़ी छोलहा के रियाजुद्दीन, आसीकली, समीउददिन, हामिद अली, कन्हई, लालू, अनंनत आदि लोगों के घरों से मात्र 200 मीटर की दूरी पर नदी बह रही। ऐसे में इनके घर मुहाने पर है।
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किसी भी वक्त इन मकानों नदी अपनी जद में ले सकती है। छोलहा के पूर्व प्रधान अजीज 11 बीघा, पूर्व विधायक किशोरी लाल शुक्ल की 20 बीघा, रामलखन की 5 बीघा, वेदराम 3 बीघा, राधारमण की 5 बीघा, छोटकन्ने की 3 बीघा, मुनेजर की 5 बीघा आदि लोगों की जमीन घाघरा की लहरों की भेंट चढ़ गई। इन गांवों में अभी तक कोई घर नहीं कटा है।
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ग्रामीणों की माने तो इलाके में कटान काफी तेज है। मेवड़ी छोलहा, श्रीराम पुरवा के पास कटान से बचाने को बन रहा तट बांध घाघरा की लहरों से लड़ाई लड़ रहा है। बांध में प्रयोग किए गए बांस बल्ली लहरों की थपेड़ों में झुकते जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशतजदा हैं।
तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को किया अलर्ट
बिसवां के तहसीलदार राजकुमार गुप्ता ने बताया कि बैराजों से छोड़े गए पानी से इलाके में कुछ दुश्वारियां बढ़ गई थीं, लेकिन बाढ़ जैसे हालात नहीं है। पहले की तुलना में बैराजों से काफी कम पानी छोड़ा जा रहा है।
एहतियातन क्षेत्र में पैनी नजर रखी जा रही है। मेवड़ी छोलहा, जटपुरवा के पास कटान की सूचना मिलते ही वहां के लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। मेवड़ी छोलहा के पास बांध निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।