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सर्वर की रफ्तार सुस्त, घंटों इंतजार के बाद लौटे किसान

Tue, 29 Mar 2022 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 12:18 AM IST
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Server speed slow, farmers returned after waiting for hours
सेउता सीएससी पर केवाईसी कराने के लिए अपनी बारी कर इंतजार करते किसान। - संवाद - फोटो : SITAPUR
तहसील मुख्यालय से वापस हो रहे अन्नदाता
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किसान सम्मान निधि के पंजीकरण व ई-केवाईसी के लिए सिधौली तहसील मुख्यालय पहुंच रहे किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। अधिकृत वेबसाइट न खुल पाने के कारण केवाईसी सम्बद्ध नहीं हो पा रही है। लोकवाणी संचालक रहमान व कृष्णा ने बताया कि किसान जब दूर दराज गांवों से लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचते हैं तो उन्हें निराशा हाथ लगती है, क्योंकि सम्मान निधि से सम्बंधित वेबसाइट घंटों नहीं खुलती है। बहुत देर बाद जब वेबसाइट खुलती है, तब तक किसान देरी होने वजह से चले जाते हैं।
सर्वर स्लो होने से नहीं हो पा रही ई-केवाईसी
ब्लॉका पिसावां क्षेत्र में संचालित सीएससी केंद्र पर सम्मान निधि से संबंधित किसान ई-केवाईसी प्रक्रिया बहुत ही धीमी गति से हो रही है। पोर्टल का सर्वर स्लो होने के कारण किसान विवश होकर लौट रहे हैं। केंद्र पर पहुंचे पथरी निवासी रमन ने कहा कि ई-केवाईसी नहीं होने के कारण बहुत परेशानी हो रही है, अगली किस्त नहीं मिलेगी। पिसावां निवासी जनसुविधा केंद्र संचालक अजय कुमार सिंह ने बताया कि, रोजाना लाभार्थी ई-केवाईसी के लिए आ रहे हैं। लेकिन स्पीड कम होने की वजह से अधिकांश लोग वापस हो जाते हैं।
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मोबाइल पर ओटीपी पहुंचने की है समस्या
महोली तहसील क्षेत्र के किसान ई-केवाईसी कराने लोकवाणी और सीएससी पर पहुंच रहे हैं। लेकिन वहां सर्वर डाउन होने और तकनीकी दिक्कतों से ई केवाईसी कंपलीट नहीं हो पा रही है। किसान सुरेश, रमेश, रामचंद्र, विनोद, प्रकाश का कहना है कि सर्वर डाउन होने के चलते ई केवाईसी कंप्लीट नहीं हो पा रही है। तहसील परिसर के बाहर जन सुविधा केंद्र के संचालक अनुराग मिश्रा, सरोज राठौर, बबलू राठौर, राघवेंद्र मिश्रा बताते हैं कि सर्वर डाउन होने के चलते किसानों की केवाईसी कंप्लीट नहीं हो पा रही हैं। मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जा रही है, लेकिन दोबारा आधार कार्ड की दूसरी ओटीपी नहीं पहुंच रही है।
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सीतापुर। यह चंद केस मात्र बानगी हैं। सम्मान निधि के अधिकांश लाभार्थी ई-केवाईसी (उपभोक्ता के बारे में आवश्यक जानकारी) नहीं करा सके हैं। इसका प्रमुख कारण तकनीकी खामी होना है। संबंधित वेबसाइट घंटों नहीं खुल रही है। साथ ही अन्य समस्याएं भी आ रही हैं। जबकि इस कार्य को कराने के लिए मात्र दो दिन शेष बचे हैं।
ऐसे में किसान सावधान हो जाएं, पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकृत सभी किसानों को 31 मार्च तक पंजीकरण का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। अन्यथा की स्थिति में उन्हें एक अप्रैल से किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल सकता है। ऐसी प्रबल संभावना जताई जा रही है। छह लाख 54 हजार किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। साल में तीन किश्तों में छह हजार रूपए उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। शासन के निर्देश के मुताबिक सभी लाभार्थी किसानों को अब ई-केवाईसी सत्यापन 31 मार्च तक कराना है।
इस कार्य में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महमूदाबाद संवाद के अनुसार ई केवाईसी की वेबसाइट काफी धीमी चल रही है, जिसके चलते ओटीपी नहीं आ रहा है, सर्वर बिजी बताता है। ब्लॉक पहला की ग्राम पंचायत सदरावा निवासी किसान दिनेश चंद्र बताते हैं कि, वह कई दिनों से जन सुविधा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
सदरपुर संवाद के अनुसार चांद सहज जन सेवा केन्द्र पर सर्वर डाउन होने के कारण काम किसान भटक रहे हैं। किसान मोहम्मद समीं, सूरज गौतम, जावेद अंसारी, निसार अहमद, शान्ती देवी, मोहम्मद आलम,राजकुमार व मिश्रीलाल ने बताया पूरा दिन हर्जा खर्चा करके खेती के काम छोड़कर ई-केवाईसी के लिए आये थे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण काम नहीं हो सका।
फिंगर प्रिंट के माध्यम से नहीं चल रहा ई-केवाईसी का सर्वर
सेवता संवाद के अनुसार सीएससी संचालक अंबरीष ने बताया कि सम्मान निधि की वेबसाइट बहुत धीमी गति से चल रही है। केवाईसी सिर्फ मोबाइल से लिंक आधार कार्ड वाले किसानों की हो रही है। बहुत से किसानों के आधार पर मोबाइल नंबर जुड़ा नहीं है, जिससे उनकी ई-केवाईसी नहीं हो रही है। फिंगर प्रिंट के माध्यम से ई-केवाईसी का सर्वर नहीं चल रहा है।
आधार संसोधन केंद संचालक रामसागर ने बताया सर्वर पर अधिक यूजर होने के कारण यूआईडीएआई का सर्वर डाउन है। जिससे आधार अपडेट का कार्य बाधित है। आधार से मोबाइल लिंक करवाने के लिए किसान सुबह दुकान पर आ जाते हैं और सर्वर के इंतजार में पूरा दिन बैठे रहते हैं। शाम को घर वापस चले जाते हैं, लेकिन आधार अपडेट नही करा पाते हैं।

सभी को कराना है सत्यापन
छह लाख 54 हजार किसान पीएम सम्मान निधि के लाभार्थी हैं। सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी सत्यापन 31 मार्च तक कराना है। इसके लिए न्याय पंचायतवार नियुक्त प्राविधिक सहायक गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर सहयोग कर रहे हैं। ब्लॉक के बीज गोदाम प्रभारी से भी संपर्क कर लाभ उठा सकते हैं। इस संबंध में उन्हे निर्देश दिए गए हैं।
अरविंद मोहन मिश्रा, उप कृषि निदेशक
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