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स्कूलों व सरकारी दफ्तरों में शुद्घ पेयजल का संकट बरकरार

Sat, 11 Jul 2015 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर Updated Sat, 11 Jul 2015 11:15 PM IST
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सीतापुर के अधिकांश स्कूलों व सरकारी दफ्तरों में शुद्घ पेयजल का संकट बना हुआ है। पेयजल के लिए हैंडपंप व टोंटियां लगी हुई हैं, लेकिन उनमें दूषित पानी आ रहा है। इन जगहों पर आरओ न लगा होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ती है। सरकारी स्कूलों में हैडपंप व टोंटियों के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जिनसे विद्यार्थी अपनी प्यास बुझाते हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन की तरफ से जलापूर्ति के लिए लगी टंकियों की साफ सफाई न कराने से पानी दूषित हो गया है। इसके अलावा टंकियों पर गंदगी व्याप्त है। शुद्घ पेयजल के लिए आरओ भी नहीं लगा है। ऐसे ही हालात सरकारी कार्यालयों में भी नजर आ रहे हैं। कलेक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत, निर्वाचन कार्यालय सहित अन्य विभागों में शुद्घ पेयजल की किल्लत बनी हुई है। इन जगहों पर पेयजल के संसाधन तो मौजूद हैं, लेकिन उनमें आरओ न होने से स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पाता है। इससे बीमारियां फैलने की आंशका बनी हुई है। मजबूरन लोगों को प्यास बुझाने के लिए इनका उपयोग करना पड़ रहा है।

राजकीय इंटर कॉलेज में पेयजल के इंतजाम दुरुस्त नहीं है। पेयजल के लिए टोटियां लगी हुई हैं, लेकिन उन पर भारी गंदगी व्याप्त है। इसके अलावा समीप ही दूसरी टोटी भी लगी हैै। इसी के जरिए विद्यार्थी अपनी प्यास बुझाते हैं। मगर जब वह टोंटियाें पर पानी पीने जाते हैं तो उन्हें गंदगी से रूबरू होना पड़ता है। इसके अलावा यहां पर शुद्घ पेयजल के लिए आरओ भी नहीं लगा है। छात्रोें ने बताया कि छत पर लगी टंकी की वर्षों से साफ-सफाई भी नहीं कराई गई है। ऐसे में इन टंकियों में जो पानी है, वह दूषित है। उसमें से बदबू आती रहती है। तमाम विद्यार्थी घर से बोतल में पानी लाते हैं।
पुराने सीतापुर जाने वाले पक्के पुल के पास स्थित उजागर लाल इंटर कॉलेज में पेयजल के लिए एक टंकी व इंडिया मार्का हैंडपंप लगा हुआ है। टंकी का ढक्कन खुला हुआ है। जिससे आस-पड़ोस की गंदगी उड़कर उसमें आती रहती है। पानी में बदबू आने से विद्यार्थी इंडिया मार्का हैंडपंप का प्रयोग करते हैं। लेकिन हैंडपंप के पास भी गंदगी फैली हुई है। आरओ भी नहीं लगा है। ऐसे में छात्रों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
विकास भवन में करीब आधा सैकड़ा कार्यालय है, लेकिन पेयजल के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। नीचे एक जगह पर पेयजल के लिए टोंटियां लगी हुई हैं। ऊपरी मंजिल पर पेयजल का कोई इतंजाम नहीं है। यहां दो माह पूर्व आरओ लगाया गया था, लेकिन यह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि विकास भवन में शुद्घ पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के पास वाटर कूलर लगा हुआ है। उसमें भी आरओ न होने से शुद्घ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
सीडीओ एसके सिंह ने बताया कि स्कूलाें व सरकारी दफ्तरों में शद्घ पेयजल को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। जल्द ही स्वच्छ पेयजल के संबंध में विभागाध्यक्षों के साथ विचार-विमर्श कर कार्य योजना तैयार की जाएगी।
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