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स्कूल खुले पर बच्चों को नहीं मिलीं पुस्तकें

Wed, 15 Sep 2021 11:44 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:44 PM IST
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School opened but children did not get books
पिसावां के प्राथमिक विद्यालय में बैठे छात्र। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। परिषदीय विद्यालय भले ही खुल गए हो, लेकिन नौनिहालों को नई पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। 15 दिन बीत जाने के बाद भी वह पुरानी व पिछली कक्षा की किताबों के जरिये शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह हालात एक दो विद्यालय के नहीं बल्कि जिले के सभी विद्यालयों के बने हुए हैं। इससे नौनिहाल पुरानी किताबों के जरिये नई शिक्षा लेने को मजबूर हैं।
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परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों को प्रत्येक शैक्षिक सत्र में निशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती है। यह पुस्तकें नौनिहालों को सत्र प्रारंभ होने के एक दो माह बाद मिल जाती है। इस बार कोरोना के कारण विद्यालय देर से खुले है। एक सितंबर से प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई है। दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी नौनिहाल पुस्तकों के लिए तरस रहे है। हाल यह है कि पुस्तकों की अभी तक पहली खेप भी नौनिहालों को नहीं मिली है।
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पिछले के वर्षों में कई चरणों में पुस्तकें आ जाती थी। इससे नौनिहाल अपनी पढ़ाई शुरू कर देते थे। लेकिन इस बार वह पुस्तकों को लेकर आस लगाए हुए बैठे है। रोजाना विद्यालय आते है, गुरुजी से किताबें मिलने की जानकारी करते है। लेकिन उनको पुस्तकें नहीं मिल पाती है। इससे वह पुरानी किताबों के जरिये पढ़ाई कर रहे है। कहीं नौनिहालों को पुरानी किताबें भी नहीं मिल सकी है तो वह पिछली कक्षा की किताबें लेकर विद्यालय आते है। कई जगहों पर बिना किताबों के ब्लैकबोर्ड पर ही पढ़ाई कराई जा रही है। इससे करीब साढ़े पांच लाख नौनिहाल प्रभावित हो रहे है।
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पुरानी किताबें बन रहीं सहारा
कोरोना संक्रमण के चलते करीब पांच माह बाद स्कूल खुल गए है। लेकिन नौनिहाल पुस्तकों के लिए तरस रहे है। रामपुर मथुरा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय तुलसीपुर खरिका में नौनिहाल पिछली कक्षा की किताबों को पढ़ते मिले। प्रधानाध्यापक लालजी यादव ने बताया, 267 बच्चे आए हैं। अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हुई है। चिखडी धंधार स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में बहुत कम बच्चों के पास पुरानी किताबें दिखाई दी। बच्चों ने बताया कि गुरुजी बिना किताब के ही बोर्ड पर पढ़ाते है। बीआरसी के पड़ोस स्थित जूनियर हाईस्कूल में बच्चों को बिना पुस्तकों के ही गुरुजी पढ़ा रहे थे।
नहीं मिली हैं किताबें
पिसावां विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय पिसावां। इस विद्यालय में बुधवार को 125 बच्चे मौके पर मौजूद मिले। बच्चे पुरानी किताबों के जरिये पढ़ाई कर रहे थे। शिक्षकों ने बताया, अभी नौनिहालों के लिए पुस्तकें नहीं आई है। तब तक उनको पुरानी किताबों के जरिये पढ़ाई कराई जा रही है। यही हालात कंपोजिट विद्यालय जलाईपुर के है। यहां पर 165 नौनिहाल मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिसावां में नौनिहाल पुरानी किताबें पढ़ते हुए मिले।

देरी से मिली हैं पुस्तकें
शासन से पुस्तकें इस बार देर से मिली है। जिला मुख्यालय से बीआरसी वार उठान शुरू हो गया है। बीआरसी पर पुस्तकें पहुंच गई हैं। अब शिक्षक वहां से उठान करते हुए वितरण कराएंगे।
- अजीत कुमार, बीएसए
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