{"_id":"68bb2f2adf3a3a123e089f14","slug":"saryus-water-level-decreased-problems-increased-sitapur-news-c-102-1-stp1003-139765-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: सरयू का पानी घटा, परेशानी बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: सरयू का पानी घटा, परेशानी बढ़ी
Sat, 06 Sep 2025 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
बाढ़ के पानी से होकर गुजरते ग्रामीण।
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी के जलस्तर में शुक्रवार को 20 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। जलस्तर में कमी के बावजूद स्थितियों में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। अंगरौरा स्थित मीटर गेज पर शुक्रवार को नदी का जलस्तर 118.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर कम है। ग्रामीणों की मानें तो कटान तेज होने की आशंका है। बृहस्पतिवार रात से सरयू नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की कमी होने से निचले स्थानों पर भरा पानी कम हो रहा है।
मिश्री, रमेश आदि ने बताया कि क्षेत्र के केवड़ा कनरखी घाट, सुंदरपुरवा, मिश्रण पुरवा, बंगाली घाट, लोधनपुरवा, फतेपुरवा, अखरी, नागेश्वरपुरवा, अर्जुनपुरवा, जगरूपपुरवा, बक्सी पुरवा, सोतीपुरवा, बलेसरपुरवा, गोमतीपुरवा, निरंजनपुरवा, प्यारेपुरवा, बाबा कुटी व बुचाऊपुरवा समेत करीब 25 से अधिक गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
इनमें से अधिकांश गांवों के कई घरों में पानी भरा है। बेनीराम ने बताया कि तहसील प्रशासन ने कुछ सहायता की है, लेकिन यह इमदाद नाकाफी है, जो भी राशन किट या लंच पैकेट उपलब्ध कराए गए, वह बमुश्किल एक सप्ताह तक ही चल सके। कुंवारे ने बताया कि नदी का कटान बंद नहीं है। जलस्तर कम होने पर कटान तेज होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिश्री, रमेश आदि ने बताया कि क्षेत्र के केवड़ा कनरखी घाट, सुंदरपुरवा, मिश्रण पुरवा, बंगाली घाट, लोधनपुरवा, फतेपुरवा, अखरी, नागेश्वरपुरवा, अर्जुनपुरवा, जगरूपपुरवा, बक्सी पुरवा, सोतीपुरवा, बलेसरपुरवा, गोमतीपुरवा, निरंजनपुरवा, प्यारेपुरवा, बाबा कुटी व बुचाऊपुरवा समेत करीब 25 से अधिक गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
विज्ञापन
इनमें से अधिकांश गांवों के कई घरों में पानी भरा है। बेनीराम ने बताया कि तहसील प्रशासन ने कुछ सहायता की है, लेकिन यह इमदाद नाकाफी है, जो भी राशन किट या लंच पैकेट उपलब्ध कराए गए, वह बमुश्किल एक सप्ताह तक ही चल सके। कुंवारे ने बताया कि नदी का कटान बंद नहीं है। जलस्तर कम होने पर कटान तेज होने की संभावना है।
विज्ञापन