{"_id":"61e2f12b0607cf29d262825d","slug":"samajwadi-party-mp-azam-azam-khan-son-abdullah-azam-released-from-sitapur-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"687 दिन बाद अब्दुल्ला आजम रिहा: रामपुर कोर्ट से सभी 43 मामलों में रिहाई आदेश, रात में जेल से बाहर आए सांसद पुत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
687 दिन बाद अब्दुल्ला आजम रिहा: रामपुर कोर्ट से सभी 43 मामलों में रिहाई आदेश, रात में जेल से बाहर आए सांसद पुत्र
Sat, 15 Jan 2022 09:37 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 15 Jan 2022 09:37 PM IST
सार
जेलर आरएस यादव ने बताया कि शनिवार को 12 बजे तक रामपुर कोर्ट से सभी मामलों की रिहाई आ गई थी, लेकिन एक रिहाई में कमी पाई गई। यह मामला साजिश और अन्य धाराओं से जुड़ा हुआ था। ऐसे में इस रिहाई को लेकर संबंधित कर्मचारी फिर रामपुर कोर्ट गया और वहां से रिहाई में सुधार कर सीतापुर के लिए रवाना हुआ। रात 7:40 बजे के करीब रामपुर से रिहाई जेल में पहुंची। इसके बाद अब्दुल्ला को जेल से रिहा करने की कागजी कार्रवाई पूरी की गई।
विज्ञापन
जेल से बाहर आए अब्दुल्ला आजम खां
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
करीब 23 महीनों से सीतापुर की जेल में सांसद पिता आजम खां के साथ बंद बेटे अब्दुल्ला आजम आखिरकार शनिवार की रात सलाखों से बाहर आ गए। सभी मामलों में रामपुर कोर्ट से रिहाई आदेश आने के बाद जेल प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई करते हुए अब्दुल्ला को रिहा कर दिया। रिहाई को लेकर सुबह से ही जेल के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। सुबह से लेकर रात तक हलचल रही। रिहाई के बाद जेल और पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
विज्ञापन
अब्दुल्ला आजम अपने पिता सांसद आजम खां के साथ कई मामलों में सीतापुर की जेल में 27 फरवरी 2020 से बंद थे। अब्दुल्ला के साथ उनकी मां तंजीन फातिमा भी जेल में बंद रही हैं। कई माह पहले उनकी रिहाई हो चुकी है। मौजूदा समय में आजम खां और अब्दुल्ला बंद थे। अब्दुल्ला आजम की रिहाई की उम्मीदें उनके परिजनों को पिछले दिनों जगी थी। अब्दुल्ला पर 43 मामले होने बताए जा रहे हैं। बीते गुरुवार तक सीतापुर जेल प्रशासन को 15 परवाना (रिहाई आदेश) मिल चुके थे। जिन मामलों में आदेश मिलते रहे, जेल प्रशासन उसमें उनकी रिहाई करता रहा। शुक्रवार को भी रामपुर कोर्ट से एक रिहाई आई थी। बाकी रिहाई आने का इंतजार जेल प्रशासन कर रहा था। रामपुर कोर्ट ने सभी 43 मामलों में अब्दुल्ला की जमानत मंजूर कर ली थी, लेकिन परवाना (रिहाई आदेश) सीतापुर जेल प्रशासन तक नहीं पहुंच सके थे। ऐसे में रिहाई लटकी हुई थी। शनिवार को सभी मामलों की रिहाई आने के बाद शाम तीन से चार बजे के बाद अब्दुल्ला के जेल से बाहर आने के कयास लगाए जा रहे थे।
विज्ञापन
जेलर आरएस यादव ने बताया कि शनिवार को 12 बजे तक रामपुर कोर्ट से सभी मामलों की रिहाई आ गई थी, लेकिन एक रिहाई में कमी पाई गई। यह मामला साजिश और अन्य धाराओं से जुड़ा हुआ था। ऐसे में इस रिहाई को लेकर संबंधित कर्मचारी फिर रामपुर कोर्ट गया और वहां से रिहाई में सुधार कर सीतापुर के लिए रवाना हुआ। रात 7:40 बजे के करीब रामपुर से रिहाई जेल में पहुंची। इसके बाद अब्दुल्ला को जेल से रिहा करने की कागजी कार्रवाई पूरी की गई। रात 8:20 बजे उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया है।
विज्ञापन
इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से एएसपी साउथ राजीव दीक्षित, एसडीएम अनिल कुमार, सीओ सिटी पीयूष सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह समेत भारी पुलिस फोर्स और अर्धसैनिक बलों के जवान मुस्तैद रहे।
स्थानीय नेता नहीं आए नजर
जेल में बंद अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर सुबह से ही जेल गेट से लेकर आसपास हलचल शुरू हो गई थी। लोगों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। जमावड़ा बढ़ता जा रहा था, लेकिन इस जमावड़े में जिले के स्थानीय नेता कहीं नजर नहीं आए। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी करते रहें, लेकिन जानकारों की माने तो चुनाव का समय है। ऐसे में लोग मामले से खुद को दूर रखना जरूरी समझ रहे हैं।
रामपुर, संभल, मुरादाबाद समेत कई जिलों के आए नेता
शनिवार को अब्दुल्ला के जेल से रिहा होने की सूचना मिलते ही सीतापुर जेल गेट पर पश्चिमी यूपी के कई जिलों के सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं का आना शुरू हो गया था। सूत्रों की माने तो कई जिलों के सपा जिलाध्यक्ष भी आए थे। रामपुर, संभल, मुरादाबाद, बदांयू, शाहजहांपुर से लेकर हरदोई के भी कुछ सपा नेताओं के आने की बात कही जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी का कोई बड़ा नेता नहीं आया था।
जगह-जगह चेकिंग फिर भी पहुंचा गाड़ियों का रेला
अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर जैसे ही सामने आई, जिले का पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया। आचार संहिता, धारा 144 लागू होने की वजह से पुलिस नियम-कानून का पालन कराने के लिए मुस्तैद हो गई। महोली बार्डर से लेकर शहर तक में कड़ी चेकिंग की गई। बताते हैं कि महोली में पुलिस ने कई गाड़ियों को रोका तो उन लोगों ने लखनऊ जाने का हवाला दिया। इसके बाद शहर में इधर-उधर के रास्तों से आ गए। करीब 50 से 70 गाड़ियां रहीं होंगी। सभी इधर-उधर खड़ी थीं। सपा नेता, समर्थक भी पूरे दिन पुलिस से बचते हुए इधर-इधर बैठे रहे।
सड़क पर खड़ी कारों का चालान
अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर जेल गेट के बाहर पहुंचे लोगों ने अपनी कारों को जहां-तहां खड़ी कर दी थी। इसको लेकर यातायात पुलिस ने कार्रवाई की। दर्जनों कारों का पुलिस ने ई-चालान किया। आचार संहिता, धारा 144 लागू होने के बावजूद भी भीड़ इकट्ठा होने को लेकर भी पुलिस मामले में केस दर्ज कर सकती है। ऐसे संकेत पुलिस सूत्रों की ओर से मिल रहे हैं। सबसे अधिक समस्या इस मार्ग पर रहने वाले लोगों को हुई। पुलिस पूरे दिन उन्हें रोकती-टोकती रही। आवाजाही को लेकर भी रोक रही, इससे लोग परेशान रहे।